रेल्वे सुरक्षा अभियान: मध्यप्रदेश के 700 रेलवे स्टेशन होंगे अधिक सुरक्षित
मध्य प्रदेश के 700 रेलवे स्टेशन एवं होंगे और अधिक सुरक्षित, जुलाई भर चलेगा जीआरपी का विशेष अभियान;
निराश्रितों, बच्चों और स्टेशन परिसर में विचरण करने वालों की होगी पहचान, यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित माहौल;
Tropic Reporters, Digitaldesk, भोपाल, 30 जून 2026:

राजा बाबू सिंह, एडीजी जीआरपी, भोपाल
"अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले निराश्रितों और बच्चों की पहचान कर उन्हें जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों और सामाजिक संस्थाओं से जोड़ा जाएगा। इससे स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेंगे, वहीं जरूरतमंद लोगों को सहायता और बेहतर जीवन की दिशा में सहयोग भी मिल सकेगा।" -- राजा बाबू सिंह, एडीजी, जीआरपी
हम सभी कभी न कभी रेलवे स्टेशन पर यात्रा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अक्सर प्लेटफार्म, फुटओवर ब्रिज, स्टेशन परिसर और आउटर क्षेत्र में कुछ ऐसे लोग दिखाई देते हैं, जिनका यात्रा से कोई संबंध नहीं होता। कई बार ऐसे लोगों की मौजूदगी यात्रियों के लिए असुविधा और असुरक्षा की वजह भी बन जाती है। अब रेलवे स्टेशन परिसर को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में 1 से 31 जुलाई तक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
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1 जुलाई से पूरे माह चलेगा विशेष अभियान
एडीजी जीआरपी, राजा बाबू सिंह के निर्देशन में प्रदेश के करीब 700 रेलवे स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान रेलवे स्टेशन, प्लेटफार्म और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से रह रहे निराश्रित, परित्यक्ता महिलाओं और घूमने वाले बच्चों की पहचान कर उनका रिकार्ड तैयार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उनके फोटो भी सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि भविष्य में किसी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
आरआईबी और रेलवे पुलिस टीम करेगी निगरानी
अभियान में आरआईबी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की संयुक्त टीम काम करेगी। जिन छोटे स्टेशनों पर स्थायी जीआरपी चौकी नहीं है, वहां भी कार्रवाई की जाएगी। स्टेशन परिसर में रहने वाले लोगों की सूची तैयार कर जरूरत के अनुसार बच्चों को सामाजिक संस्थाओं और सहायता सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इस अभियान से रेलवे स्टेशन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनेंगे। प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ कम होगी, यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी और चोरी, सामान गायब होने या अन्य घटनाओं की संभावना कम होगी। साथ ही जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें सहायता से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा, जिससे स्टेशन परिसर यात्रियों और आम लोगों दोनों के लिए बेहतर वातावरण वाला स्थान बन सके।


