नई प्रतिभाओं को मंच
साहित्य और सृजन का उत्सव बना 'ख़याल अपना सा', नई प्रतिभाओं को मिला मंच; आकांक्षा फाउंडेशन के ओपन माइक में कविता, गीत और हास्य का सजा रंगारंग मंच
साहित्य शब्दों का संयोजन नहीं, संवेदनाओं और संस्कारों का जीवंत माध्यम: अभिलाषा श्रीवास्तव
Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 14 जुलाई 2026:
भोपाल स्थित आकांक्षा फाउंडेशन द्वारा आयोजित "ख़याल अपना सा" ओपन माइक का सफल आयोजन रविवार को गजानन रसोई, मीनाल रेजिडेंसी गेट क्रमांक-3 के सामने, भोपाल में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शहर की उभरती हुई प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कवियों, गायकों, स्टैंड-अप कॉमेडियनों, कहानीकारों और अन्य कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कविता, ग़ज़ल, गीत, कहानी, हास्य और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। प्रत्येक प्रस्तुति का दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता सिंह एवं वरिष्ठ कवयित्री अभिलाषा श्रीवास्तव रहीं। अपने संबोधन में हेमलता सिंह ने कहा कि ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच का वातावरण निर्मित करते हैं तथा युवाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
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| आकांक्षा फाउंडेशन द्वारा आयोजित "ख़याल अपना सा" |
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| नई प्रतिभाओं को मंच |
आकांक्षा फाउंडेशन के डायरेक्टर आदर्श शर्मा ने कहा कि "ख़याल अपना सा" केवल एक ओपन माइक नहीं, बल्कि युवाओं की भावनाओं, विचारों और रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने का मंच है। संस्था का उद्देश्य हर उस प्रतिभा को अवसर देना है जो अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहती है।
फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रिंसी शर्मा ने कहा कि आकांक्षा फाउंडेशन सदैव युवाओं, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत रहा है। "ख़याल अपना सा" जैसे आयोजन नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी कलाकारों, अतिथियों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में आकांक्षा फाउंडेशन ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का निरंतर आयोजन करने का संकल्प दोहराया।

