यूसीसी विधेयक पारित होना ऐतिहासिक कदम गोविंद सिंह राजपूत:

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प्रधानमंत्री के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" के संकल्प को मुख्यमंत्री ने प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया, यूसीसी विधेयक पारित होना समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: गोविंद सिंह राजपूत;

Tropic Reporters, संदीप सिंह, भोपाल, 21 जुलाई 2026:

प्र विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित किए जाने को प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने राज्य के इतिहास में एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक समरसता, समान न्याय और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान दायित्व प्रदान करना है। इसके लागू होने से व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर होने वाले भेदभाव और असमानताओं को समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल होगी तथा महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय और समान अवसर सुनिश्चित होंगे।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने इस ऐतिहासिक निर्णय के माध्यम से सामाजिक न्याय, सुशासन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। यह निर्णय प्रदेश को विकास और समावेशी शासन की नई दिशा प्रदान करेगा।
               खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मंत्री श्री राजपूत ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति को देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया है। उनकी दूरदर्शिता और साहसिक नेतृत्व के कारण प्रदेश आज देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश के सभी विधानसभा सदस्यों को इस महत्वपूर्ण विधेयक के पारित होने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए न्यायपूर्ण और समान अधिकारों वाले समाज की मजबूत नींव साबित होगा।
श्री राजपूत ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश का यह ऐतिहासिक निर्णय देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगा और समान नागरिक संहिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक विमर्श को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने यह सिद्ध कर दिया है कि मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और जनहित के प्रति समर्पण के साथ बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

टुकड़ों में बटी कांग्रेस का जनता से कोई सरोकार नहीं:
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस द्वारा लगातार हंगामा किए जाने पर मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि टुकड़ों में बंटी कांग्रेस स्वयं ही हर मुद्दे पर भ्रम और असमंजस की स्थिति में दिखाई दी। पार्टी यह तय ही नहीं कर पा रही थी कि उसे सदन में यूसीसी विषय का विरोध करना है या समर्थन। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है। विधानसभा में उसका आचरण केवल अखबारों की सुर्खियां बटोरने और अपने वरिष्ठ नेताओं के सामने राजनीतिक प्रदर्शन करने तक सीमित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायक जनहित के गंभीर विषयों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय केवल हंगामा करने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता किसानों, गरीबों, युवाओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर बहस की अपेक्षा करती है, लेकिन कांग्रेस ने सदन की गरिमा को बार-बार बाधित करने का प्रयास किया। जनता की समस्याओं के समाधान से कांग्रेस का कोई सरोकार नहीं है, उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक शोर-शराबा और मीडिया में बने रहना है।
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