राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में मनेगा पवित्र 'ओणम उत्सव':
राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में 6 सितम्बर को पारंपरिक विधि-विधान से मनेगा ‘ओणम उत्सव’, भद्रकाली मंदिर, सर्पकावु पुनीत वन एवं चुण्डन वल्लम परिसर सर्प नौका में सम्पन्न होंगे विशेष सांस्कृतिक आयोजन;
04 सितम्बर 2026, Tropic Reporters, अपर्णा मिश्रा, भोपाल:
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल द्वारा देश की विविध क्षेत्रीय संस्कृतियों के संवर्धन एवं प्रसार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगामी रविवार 06 सितम्बर 2026 को अपराह्न 3:00 बजे से केरलम् के प्रसिद्ध ‘ओणम उत्सव’ का विशेष आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में मनेगा केरलम् का पवित्र 'ओणम उत्सव'
इस अवसर पर केरलम् के पारंपरिक पुजारी श्री संतोष शांति द्वारा संग्रहालय परिसर में स्थित केरल की पारंपरिक धरोहरों-भद्रकाली अम्बलम (मंदिर), सर्पकावु पुनीत वन तथा सर्प नौका ‘चुण्डन वल्लम’ (पारंपरिक केरल नौका स्थल) पर पूर्ण विधि-विधान से चेनडा वादन एवं मंत्रोच्चार के साथ 'ओणम' का पावन अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा।
समानता व सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है ओणम
मानव संग्रहालय के निदेशक डॉ. अमिताभ पांडे ने बताया कि,“ओणम केरलम् वासियों का सबसे प्रमुख और उल्लासपूर्ण सांस्कृतिक पर्व है, जो समानता, प्रेम, बंधुत्व, समृद्धि और सामाजिक एकता का शाश्वत संदेश देता है। यह पर्व न्यायप्रिय राजा महाबली की उस लोककथा से संबद्ध है, जिसमें उनके शासनकाल को एक आदर्श समतामूलक युग माना गया है। जहाँ संपूर्ण प्रजा सुख, शांति और समानता के साथ जीवन व्यतीत करती थी।
संग्रहालय में ओणम कार्यक्रम के संयोजक श्री राजेश गौतम ने बताया कि, ओणम के पावन अवसर पर अथपुक्कलम (फूलों की मनोहारी रंगोली), तिरुवातिरा नृत्य, पारंपरिक ओणम गीत, खेल तथा ओणम सद्या जैसी समृद्ध परंपराएं जीवंत होती हैं। विशेष रूप से ‘चुण्डन वल्लम’ सर्प नौका पर जो कि केरल की सामूहिक शक्ति, अनुशासन और एकता का जीवंत प्रतीक है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूती
मानव संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि मानव संग्रहालय में स्थापित केरल के पारंपरिक आवास, नाल्केट्टू एवं आरप्पुरा आवास, भद्रकाली अम्बलम मंदिर परिसर, मछुआरों का आवास, “सर्पकावु”- पुनीत वन तथा सर्प नौका चुण्डन वल्लम, केरल की कला, वास्तुकला, आस्था और लोकजीवन की सजीव झलक प्रस्तुत करते हैं। इन स्थलों पर आयोजित पूजा-अनुष्ठान के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। अपने प्रदेश केरलम् से दूर मध्यप्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के लिए यह आयोजन अपनी संस्कृति को सहेजने का सुअवसर है, वहीं स्थानीय नागरिकों के लिए केरल की समृद्ध संस्कृति से साक्षात्कार कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।
सहयोग एवं सहभागिता
यह आयोजन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा, ऑल इंडिया मलयाली एसोसिएशन (AIMA), मध्यप्रदेश चैप्टर के विशेष सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम की सफलता हेतु AIMA एसोसिएशन के सचिव श्री पी. अनिल नायर एवं संयुक्त कोषाध्यक्ष श्री सी. सुनील सी.पी. ने इस गरिमामयी अनुष्ठान में भोपाल एवं आसपास के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों एवं केरल के भोपाल निवासियों से उपस्थित होने की अपील की है ।