रानी कमलापति स्टेशन पर शुरू हुई अत्याधुनिक सीएनसी मशीन; अब नहीं होगी मेंटेनेंस में देरी

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अब नहीं होगी मेंटेनेंस में देरी; रानी कमलापति स्टेशन पर शुरू हुई अत्याधुनिक सीएनसी मशीन

कोचों को नहीं भेजना पड़ेगा वर्कशाप, आरकेएमपी में ही होगा पहियों का सुधार;

अंज ठाकुर, भोपाल:

रीब दो महीने के इंतजार के बाद रानी कमलापति (आरकेएमपी) रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक सीएनसी अंडर फ्लोर व्हील लेथ मशीन का काम शुरू हो गया है। 10.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सुविधा के शुरू होने से भोपाल रेल मंडल की मेंटेनेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इसका सीधा फायदा भोपाल के यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि अब ट्रेनों के पहियों की मरम्मत के लिए कोचों को निशातपुरा वर्कशाप भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पहले मेंटेनेंस में 10 से 15 दिन लगते थे, जिससे संबंधित कोच सेवा से बाहर रहता था और कई बार ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था प्रभावित होती थी। देरी का असर यात्रियों की यात्रा योजना पर भी पड़ता था। अब आरकेएमपी स्टेशन पर ही यह काम होने से ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी, देरी कम होगी और भोपाल से चलने व गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू हो सकेगा। इससे शहर के हजारों दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिलेगी। 

रद्द होने की संभावना होगी कम

नई सीएनसी अंडर फ्लोर व्हील लेथ मशीन पूरी तरह आटोमेटिक है। इसकी मदद से अब एक पहिये की रिपेयरिंग महज तीन घंटे में की जा सकेगी। इससे ट्रेन टर्नअराउंड टाइम कम होगा और कोच जल्दी दोबारा सेवा में लौट सकेंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इससे ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था में सुधार होगा और रद्द होने की संभावना भी कम होगी।

ये होंगे फायदा

सीएनसी तकनीक से पहियों की टायर टर्निंग अच्छे से होगी। जिससे पहियों की उम्र बढ़ेगी और बार-बार बदलने की जरूरत कम होगी। 

पहले कोचों को आइओएच शेड या सीआरडब्ल्यूएस भोपाल भेजने में 8-10 दिन लगते थे, अब वही काम 1-2 दिन में पूरा हो सकेगा।अंडरफ्लोर मशीन होने के कारण कोच को उठाए बिना ही पहियों की टर्निंग की जा सकती है, जिससे श्रम और समय दोनों की बचत होती है।

आटोमेटिक मशीन से काम अपने आप और सही तरीके से होता है। इससे लोगों से होने वाली गलती कम होती है और काम कम समय में पूरा हो जाता है।

इन ट्रेनों का होगा मेंटेनेंस

रानी कमलापति स्टेशन पर रीवांचल एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रानी कमलापति सुपरफास्ट और रीवा-रानी कमलापति स्पेशल जैसी प्रमुख ट्रेनों का मेंटेनेंस किया जाएगा। इसके अलावा यहां रुकने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस और भोपाल-रीवा, जबलपुर मार्ग की अन्य ट्रेनें भी इस आधुनिक सुविधा से जुड़ सकेंगी।

यह सुविधा भोपाल रेल मंडल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल तकनीकी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी समय पर और सुरक्षित ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुई यह मशीन अब ट्रेनों की रफ्तार और विश्वसनीयता दोनों बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

नवल अग्रवाल, पीआरओ प.म. रेल्वे, भोपाल

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