गर्मियों में भी हरा-भरा रहेगा आपका गार्डन;
अपनाएं ये आसान तरीके, कीट और बीमारियों से बचाव के साथ करें पौधों की सही देखभाल
अंज ठाकुर, भोपाल, 15 अप्रैल 2026:
गर्मियों का मौसम जहां इंसानों के लिए चुनौती भरा होता है, वहीं पौधों के लिए भी यह समय बेहद संवेदनशील होता है। तेज धूप और अधिक तापमान के कारण पौधे जल्दी सूखने लगते हैं, पत्तियां मुरझा जाती हैं और उनकी वृद्धि रुक जाती है। ऐसे में यदि सही तरीके से देखभाल की जाए तो आपका गार्डन पूरे सीजन हरा-भरा और खूबसूरत बना रह सकता है।
सूर्योदय से पहले और बाद में दें पौधों में पानी
सबसे जरूरी है पौधों को सही समय पर पानी देना। ठंड के मौसम में कभी भी पानी दिया जा सकता है, लेकिन गर्मियों में ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। पौधों को पानी देने का सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय से पहले या शाम को सूर्यास्त के बाद होता है, जब तापमान कम होता है। इससे पानी सीधे जड़ों तक पहुंचता है और जल्दी वाष्पित नहीं होता।
अक्सर लोग गर्मियों में पौधों को ज्यादा पानी देने लगते हैं, लेकिन यह भी नुकसानदायक होता है। अधिक पानी से मिट्टी में नमी बढ़ जाती है, जिससे फंगस और बैक्टीरिया पनपते हैं और जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसलिए पौधों को जरूरत के अनुसार ही पानी दें।
धूप से बचाने के लिए शेड नेट का करें उपयोग
गार्डन में मल्चिंग करना भी एक कारगर उपाय है। मल्चिंग से मिट्टी की ऊपरी सतह ढकी रहती है, जिससे सूर्य की सीधी रोशनी मिट्टी तक नहीं पहुंचती और नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इसके अलावा, पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट का उपयोग करना चाहिए, जिससे वे झुलसने से बच जाते हैं।
इस तरह रखें पौधों का ध्यान
गर्मियों में पौधों पर कीट और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में थ्रिप्स, एफिड और स्पाइडर जैसे छोटे कीड़े तेजी से पनपते हैं, जो पत्तियों, फूलों और फलों को नुकसान पहुंचाते हैं। ये कीट पत्तियों का रस चूसते हैं, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं और उनकी वृद्धि प्रभावित होती है।इनसे बचाव के लिए सबसे पहले गार्डन की साफ-सफाई का ध्यान रखें। खरपतवार और जंगली पौधों को समय-समय पर हटाते रहें, क्योंकि ये कीटों को आश्रय देते हैं। साथ ही, अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट का ही उपयोग करें, ताकि दीमक और अन्य कीट न पनपें।
होर्टिकल्चर विशेषज्ञ आर.एस.यादव बताते हैं कि यांत्रिक नियंत्रण भी काफी प्रभावी होता है। जैसे मिली बग, सुंडी या घोंघे को हाथ से हटाना या कीड़ों के अंडों को नष्ट करना। छोटे स्तर पर यह तरीका बेहद कारगर साबित होता है।यदि कीटों का प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो रासायनिक कीटनाशकों का सीमित उपयोग किया जा सकता है, लेकिन गर्मियों में इनका प्रयोग सावधानी से करें। बेहतर होगा कि जैविक उपायों को प्राथमिकता दें, जैसे नमक या चूने के पानी का छिड़काव, जो एफिड जैसे कीटों को नियंत्रित करने में मदद करता है।इस प्रकार, थोड़ी सी सावधानी और सही देखभाल से आप गर्मियों में भी अपने गार्डन को हरा-भरा, स्वस्थ और आकर्षक बनाए रख सकते हैं।