अवैध घुसपैठ पर केंद्र की सख्ती
देश में जनसंख्या बदलाव और अवैध घुसपैठ पर केंद्र सख्त, हाई-लेवल कमेटी गठित;
एक साल में रिपोर्ट देगी समिति, अवैध प्रवास, सीमा सुरक्षा और जनसंख्या स्थिरीकरण पर सुझाएगी समाधान
अंज ठाकुर, ट्रॉपिक रिपोर्टर, नई दिल्ली:
भारत सरकार ने 26 मई 2026 को देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या बदलावों की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी। सरकार का कहना है कि यह समिति देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे जनसंख्या परिवर्तनों का अध्ययन करेगी और उनसे जुड़े समाधान सुझाएगी।
रिटायर्ड जज करेंगे कमेटी की अगुवाई
समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलकर करेंगे। समिति में जनगणना आयुक्त, पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डा. शामिका रवि को भी शामिल किया गया है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Foreigners-I) समिति के सदस्य सचिव होंगे।
जनसंख्या बदलावों का अध्ययन करेगी समिति
सरकार के मुताबिक समिति देश में अवैध प्रवास, सीमा पार गतिविधियों और अन्य कारणों से हो रहे जनसंख्या बदलावों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करेगी। यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में धार्मिक और सामाजिक समुदायों की आबादी में असामान्य बदलाव हो रहे हैं।
एक साल में देनी होगी रिपोर्ट
समिति को अपनी रिपोर्ट एक साल के भीतर सरकार को सौंपनी होगी। जरूरत पड़ने पर इसका कार्यकाल छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है। समिति सीमा प्रबंधन मजबूत करने, अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निष्कासन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के सुझाव भी देगी।
जनसंख्या स्थिरीकरण पर रहेगा फोकस
यह समिति जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए संस्थागत व्यवस्था तैयार करने और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के सुझाव भी देगी। सरकार का मानना है कि लगातार बदलते जनसंख्या पैटर्न का असर सामाजिक ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
जनगणना और जनसंख्या के आंकड़े होंगे उपयोग
देश में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि अगली जनगणना 2027 में प्रस्तावित है। 2024 की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) रिपोर्ट के अनुसार भारत की जन्म दर 2014 के 21 से घटकर 2024 में 18.3 हो गई है। वहीं नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के मुताबिक देश की कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 2 तक पहुंच गई है, जो रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से भी कम है।
गृहमंत्री अमित शाह ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा माना
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि असामान्य जनसंख्या बदलाव केवल सामाजिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आदिवासी समाजों की सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि समिति इस चुनौती से निपटने के लिए समयबद्ध और ठोस सुझाव देगी।