री-नीट यूजी 2026

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हाईटेक सुरक्षा के बीच हुई री-नीट यूजी 2026;

पेपर लीक के बाद मॉक ड्रिल और रेलवे की तैयारी के बीच हुई परीक्षा

Tropic Reporters, भोपाल, अंज ठाकुर, 21 जून 2026:

पेपर लीक के आरोपों के बाद दोबारा आयोजित की गई री-नीट यूजी 2026 परीक्षा इस बार कड़े सुरक्षा इंतजामों और हाईटेक निगरानी के बीच संपन्न हुई। परीक्षा के बाद छात्रों की शुरुआती प्रतिक्रियाओं और क्वांटम क्लासेस के एक्सपर्ट शैलेन्द्र रावत के पेपर विश्लेषण के अनुसार इस बार का पेपर कुल मिलाकर मध्यम से थोड़ा कठिन रहा। उनका कहना है कि इस बार केवल रटकर पढ़ाई करने वाले नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझने वाले छात्रों को ज्यादा फायदा मिल सकता है।


री-नीट के लिए परीक्षा केंद्र पर एकत्र विद्यार्थी एवं अभिभावक 

विषय विज्ञों के विश्लेषण के अनुसार इस बार प्रश्न-पत्र में फिजिक्स का भाग सबसे कठिन माना गया। कई सवाल सीधे फॉर्मूला आधारित न होकर कॉन्सेप्ट और मल्टी-स्टेप समाधान वाले थे। न्यूमेरिकल प्रश्नों में समय भी अधिक लगा। विशेषज्ञों के अनुसार 3 मई की मूल परीक्षा की तुलना में इस बार फिजिक्स का स्तर थोड़ा कठिन रहा।

कठिन फिजिक्स के विपरीत केमिस्ट्री का स्तर लगभग पहले जैसा रहा। फिजिकल केमिस्ट्री में कुछ लंबे कैलकुलेशन वाले प्रश्न आए, जबकि ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक में एनसीईआरटी आधारित प्रश्न अधिक रहे। वहीं बायोलॉजी सबसे स्कोरिंग सेक्शन रही। हालांकि कुछ एप्लीकेशन और असर्शन-रीजनिंग आधारित सवालों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर किया।

पहले हुए पेपर लीक के चलते, देश में बने माहौल को देखते हुए इस बार प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती गई। पहली बार किसी परीक्षा में एन टी ए क्या है तथा शिक्षा विभाग द्वारा इतने बड़े स्तर पर निगरानी की गई।



री-नीट: परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था

नीट परीक्षा को लेकर इस बार देशभर में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। सभी परीक्षा केंद्रों को सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा गया। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, अतिरिक्त मशीनें, मेडिकल टीम और बिजली बैकअप जैसी व्यवस्थाएं भी की गईं।

देश के अनेक स्थानों के साथ ही भोपाल में भी परीक्षा से पहले सभी 32 केंद्रों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। प्रवेश प्रक्रिया, कैमरा निगरानी और प्रश्न पत्र वितरण प्रणाली की जांच की गई। कई केंद्रों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए।

इस बार प्रश्न पत्रों को विशेष सुरक्षा के साथ संबंधित शहरों तक पहुंचाया गया। इसके बाद जीपीएस युक्त वाहनों और सुरक्षा निगरानी में उन्हें स्ट्रांग रूम और सभी परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया।

इतना ही नहीं, विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने भोपाल, विदिशा, होशंगाबाद, गुना और अशोकनगर स्टेशनों पर हेल्प बूथ बनाए। यहां छात्रों को परीक्षा केंद्र, परिवहन और मार्ग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई। जरूरत के अनुसार विशेष ट्रेन और अतिरिक्त सहायता व्यवस्था भी रखी गई।

कटऑफ के बारे में एक्सपर्ट्स के अनुसार पेपर थोड़ा कठिन जरूर रहा, लेकिन प्रतियोगिता अभी भी बेहद कड़ी है। 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की भागीदारी और अतिरिक्त तैयारी समय के कारण कटऑफ में बहुत बड़ा बदलाव देखने की संभावना कम मानी जा रही है।

अतः री-नीट यूजी 2026 वास्तव में इस बार विद्यार्थियों से अधिक एन टी ए, शिक्षा मंत्रालय एवं प्रशासन की परीक्षा रही। जिसमें पेपर लीक के कलंक को धोने के अतिरिक्त सुरक्षित रूप से पेपर कराने की जिम्मेदारी को निभाने का अब तक तो सफल प्रयास था। विद्यार्थियों की बात की जाए तो प्रश्न-पत्र इस बार न बहुत आसान रहा और न ही हाल के वर्षों का सबसे कठिन। जिन छात्रों की एनसीईआरटी पर मजबूत पकड़ और खासकर फिजिक्स में अच्छी कॉन्सेप्ट समझ रही, उन्हें बेहतर प्रदर्शन का लाभ अवश्य मिल सकता है।

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