भोपाल रेलवे स्टेशन पर बदलेगा सिस्टम
भोपाल रेलवे स्टेशन पर बदलेगा भीड़ प्रबंधन का सिस्टम, बन रहा होल्डिंग एरिया;
एक साथ 2-3 हजार यात्रियों को मिलेगी सुविधा
Tropic Reporters, Bhopal, अंज ठाकुर, 19 जून 2026:
त्योहार, छुट्टियां और विशेष अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ अब पहले की तरह अव्यवस्थित नहीं रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन संचालन को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ के व्यवहार और यात्रियों की आवाजाही का अध्ययन करने की जिम्मेदारी राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस) को सौंपी है।
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| फाइल फोटो |
पहले चरण में देशभर के 72 रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया है और इसी कड़ी में भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी नई व्यवस्था विकसित की जा रही है।
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| फाइल फोटो |
भोपाल स्टेशन पर क्या बदलने वाला है?
भोपाल स्टेशन पर होल्डिंग एरिया तैयार किया जा रहा है, जहां यात्रियों को नियंत्रित तरीके से स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जाएगा। इससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ को रोका जा सकेगा और यात्रियों को अधिक व्यवस्थित इंतजार की सुविधा मिलेगी। रेलवे के अनुसार इस व्यवस्था से एक समय में करीब 2 से 3 हजार यात्रियों को लाभ मिलेगा।
क्या है राइट्स?
राइट्स भारतीय रेल मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली नवरत्न सरकारी कंपनी है। इसकी स्थापना 1974 में हुई थी। यह रेलवे सहित बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तकनीकी और इंजीनियरिंग परामर्श सेवाएं देती है।
'राइट्स' क्या अध्ययन कर रही है?
राइट्स की टीम स्टेशन की मौजूदा व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। इसके तहत देखा जा रहा है;
*स्टेशन पर कुल फुटफॉल कितना है?
*किन दिनों और समय पर सबसे अधिक भीड़ रहती है?
*यात्री किस दिशा और किन क्षेत्रों से आते हैं?
*किस ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा दबाव बनता है?
*प्रवेश और निकास व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
*स्टेशन मॉडल और संचालन प्रणाली कितनी सक्षम है?
इसके लिए ड्रोन सर्वे, स्टेशन की तस्वीरें, यात्रियों का फीडबैक, स्टेशन प्रबंधन और जिला प्रशासन से सुझाव लिए जा रहे हैं।
ऐसा होगा नया टिकटिंग और वेटिंग सिस्टम
नई योजना के तहत यात्रियों को अलग-अलग चरणों में व्यवस्थित किया जाएगा;
प्री-टिकटिंग क्षेत्र: 1000 यात्रियों की क्षमता
टिकटिंग क्षेत्र: 500 यात्रियों की क्षमता
पोस्ट-टिकटिंग क्षेत्र: 800 यात्रियों की क्षमता
इसके अलावा स्टेशन पर 6 मीटर चौड़ा और 47 मीटर लंबा नया फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा।
यात्रियों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
नई व्यवस्था के तहत स्टेशन पर;
ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें
टिकट जांच क्षेत्र
इमरजेंसी गेट
डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड
बड़ा वेटिंग एरिया, जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
रेलवे के अनुसार यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी और 2027 के अंत तक इसके प्रमुख हिस्से को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भोपाल के यात्रियों को आने वाले समय में अधिक सुरक्षित, सुगम और बेहतर रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा।

