क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक

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क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक में अहम फैसले; भोपाल–मुंबई, अयोध्या, पुणे और दक्षिण भारत के लिए रेल सुविधाओं पर हुई चर्चा

Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल, 25 जून 2026:

श्चिम मध्य रेल की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की 23वीं बैठक 25 जून 2026 को आयोजित की गई, जिसमें समिति के सदस्यों ने यात्रियों की सुविधा, नई ट्रेनों के संचालन, ट्रेनों के विस्तार, स्टेशन विकास और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक के बाद रेलवे प्रशासन ने इन सुझावों पर अपनी अद्यतन टिप्पणियां जारी कीं और कई मामलों में संबंधित रेलवे जोनों एवं रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी।

प. म. क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की 23वीं बैठक

बैठक में भोपाल से मुंबई के बीच यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए गाड़ी संख्या 12153/54 के फेरों में वृद्धि और इसे बीना अथवा ललितपुर तक विस्तारित करने का सुझाव दिया गया। प. म. रेलवे ने विषय को मध्य रेलवे को भेज दिया है।

इसी तरह भोपाल और मध्य भारत के यात्रियों को दक्षिण भारत से बेहतर जोड़ने के लिए नई दिल्ली–तिरुवनंतपुरम राजधानी एक्सप्रेस को पुराने मार्ग ET–BPQ–ERODE से पुनः चलाने अथवा वर्तमान राजधानी का विस्तार करने का सुझाव दिया गया। इस संबंध में उत्तर रेलवे को प्रस्ताव भेजा गया है।

आरक्षण और यात्रियों की आपात जरूरतों के उठे मुद्दे

समिति ने गाड़ी संख्या 14115 में आपात आरक्षण कोटा शुरू करने की मांग उठाई ताकि पारिवारिक आपात स्थितियों में प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को राहत मिल सके। रेलवे ने बताया कि इस संबंध में मंडलीय रेल प्रबंधक को अग्रिम कार्रवाई हेतु पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा आरक्षण चार्ट पुनः प्रस्थान से चार घंटे पहले जारी करने की मांग भी रखी गई। रेलवे ने इसे नीतिगत विषय बताते हुए रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र का मामला बताया।

बैठक में भोपाल और रानी कमलापति स्टेशन के बीच ट्रेनों के पुनर्विन्यास का सुझाव रखा गया, ताकि नए और पुराने भोपाल दोनों क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिल सके। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया कि दोनों स्टेशनों के बीच पहले से अधिक रेल भार होने के कारण सभी ट्रेनों का दोनों स्थानों पर संचालन फिलहाल संभव नहीं है।

ग्वालियर–बैंगलूर एक्सप्रेस को नागपुर मार्ग के बजाय मनमाड़–पुणे मार्ग से चलाने का सुझाव भी दिया गया, जिस पर संबंधित रेलवे को पत्र भेजा गया है।

नई ट्रेनों और स्टेशन विस्तार के विषय पर भोपाल–अयोध्या नई ट्रेन की मांग, शक्तिपुंज एक्सप्रेस विस्तार तथा भोपाल–इटारसी मेमू सेवा शुरू करने के सुझाव भी बैठक में सामने आए। रेलवे ने बताया कि पिट लाइन, स्टेबलिंग लाइन और तकनीकी सीमाओं के कारण वर्तमान में कई प्रस्ताव लागू करना संभव नहीं है। हालांकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मिसरोद, बैरागढ़ सहित अन्य स्टेशनों के विस्तार और नई कोच संचालन सुविधाओं पर कार्य किए जाने की जानकारी दी गई।

प्रस्ताव लागू होने से यात्रियों को क्या होगा लाभ?

यदि समिति के प्रमुख सुझावों पर चरणबद्ध तरीके से अमल होता है तो भोपाल और आसपास के यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा सूची से राहत मिल सकती है। मुंबई, पुणे, अयोध्या और दक्षिण भारत के लिए बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, आरक्षण व्यवस्था अधिक उपयोगी बनेगी और नए विकसित क्षेत्रों के यात्रियों को निकटतम स्टेशन से यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही स्टेशन विस्तार और नई सेवाओं से राजधानी क्षेत्र में भविष्य के रेल यातायात दबाव को भी संतुलित किया जा सकेगा।

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