आजम खान पर संकट के बादल

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आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी एवं ट्रस्ट पर बढ़ा संकट, आयकर विभाग ने दिया नोटिस;

यूनिवर्सिटी एवं ट्रस्ट के पंजीकरण रद्द होने के संकेत, 12AB और 12AA नोटिस पर सुनवाई के बाद तय होगी आगे कार्रवाई

Tropic Reporters, लखनऊ, 22 जून 2026:

माजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। आयकर विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और उससे संचालित जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर वित्तीय लेन-देन, कर नियमों के अनुपालन और ट्रस्ट को मिली कर छूट से जुड़े मामलों पर जवाब मांगा है।

आजम खान, पूर्व सांसद समाजवादी पार्टी
जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने 17 जून को नोटिस जारी कर ट्रस्ट को सुनवाई के लिए बुलाया। नोटिस में कहा गया कि ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों को अपने वित्तीय रिकॉर्ड, खर्च, फंड के उपयोग और अन्य दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना होगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में ट्रस्ट के पंजीकरण और कर छूट की स्थिति पर निर्णय लिया जा सकता है।

यह मामला नया नहीं है। सितंबर 2023 में आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़े स्थानों पर जांच और तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई बढ़ाई गई। विभाग की ओर से बाद में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया, जिस पर ट्रस्ट की ओर से जवाब दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मामले की शुरुआत उन शिकायतों से जुड़ी बताई जा रही है जिनमें ट्रस्ट के संचालन, भूमि उपयोग, दान राशि और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इन शिकायतों के आधार पर आयकर विभाग ने वित्तीय जांच शुरू की। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है और मामला जांच व सुनवाई के चरण में है।

आजम खान, पूर्व सांसद समाजवादी पार्टी
जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर
आयकर कानून के तहत किसी चैरिटेबल ट्रस्ट को कर छूट का लाभ तभी मिलता है जब वह निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्य करे। यदि जांच में विभाग को नियमों के उल्लंघन के पर्याप्त आधार मिलते हैं तो 12AB/12AA से जुड़ा पंजीकरण रद्द या सीमित किया जा सकता है। दूसरी ओर, यदि ट्रस्ट दस्तावेजों और जवाबों से अपना पक्ष मजबूत तरीके से रखता है तो उसे राहत भी मिल सकती है। अंतिम निर्णय सुनवाई, प्रस्तुत रिकॉर्ड और विभागीय निष्कर्षों के आधार पर होगा।फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की नजर आयकर विभाग की आगामी कार्रवाई और अंतिम आदेश पर टिकी हुई है।
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