टीएमसी का विघटन पक्का; update
By Tropic Reporters — Wednesday, June 10, 2026
🎧 सुनें:
इंडी एवं ममता के समानांतर बैठक के बाद टीएमसी सांसदों के त्याग-पत्रों की झड़ी;
सुखेन्दू शेखर के बाद सुष्मिता देव ने भी छोड़ा टीएमसी का दामन, राज्यसभा से दिया इस्तीफा
Tropic Reporters, नई दिल्ली, 10 जून 2026, Update;
पश्चिम बंगाल में पहले मिली जबरदस्त पराजय के बाद राज्य स्तर पर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के अंदर से ही मतभेद उभर कर सामने आ गए। आग की इन लपटों ने टीएमसी के किले की दीवारों को अब दिल्ली में भी ढहा दिया है।
वास्तव में टीएमसी के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी तबसे ही धधक रहा था, जबसे दल में कई वरिष्ठ नेताओं को उपेक्षित करते हुए ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी को हाईजैक कर लिया था। रही-सही कसर प्रशांत कुमार और IPAC ने पूरी कर दी थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद, पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर असंतोष देखा जा रहा है। 80 में से लगभग 60 विधायक पहले ही ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के समर्थन में हैं, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती है। विधायकों के बाद अब टीएमसी के 19 बागी सांसदों की लिस्ट जारी, यूसुफ पठान,
Read In AppTMC के 19 बागी सांसदों की लिस्ट सामने आ गई है. इन नामों में युसूफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा और सयोनी घोष का नाम भी शामिल है।
Reported by:
अखिलेश शर्मा
Edited by:
प्रियंक द्विवेदी
देश
जून 10, 2026 18:03 pm IST
Published On
जून 10, 2026 17:34 pm IST
Last Updated On
जून
TMC के 19 बागी सांसदों की लिस्ट जारी, यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा और सयोनी घोष का भी नाम
शत्रुघ्न सिन्हा, सयोनी घोष और यूसुफ पठान. (फाइल फोटो)IANSनई दिल्ली:
पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बिखर गई है. 60 से ज्यादा विधायकों के बाद टीएमसी के सांसदों ने भी बगावत कर दी है. इस बीच टीएमसी के उन 19 सांसदों की लिस्ट सामने आ गई है, जिन्होंने बगावत की है। इस लिस्ट में युसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा और सयोनी घोष का नाम भी शामिल है। हालांकि, बगावत करने वाले नेताओं का दावा था कि 20 से ज्यादा सांसद हैं. लेकिन अभी जो लिस्ट सामने आई है, उसमें 19 सांसदों के नाम हैं:
काकोली घोष (बारासात)
जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
खली उर रहमान (जंगीपुर)
यूसुफ पठान, (बेहरामपुर)
अबू ताहिर खान, (मुर्शिदाबाद)
पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
बापी हलधर (मथुरापुर)
सयोनी घोष (जादवपुर)
माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
मिताली बाग (आरामबाग)
दीपक अधिकारी (घाटल)
कालीपद सोरेन (झालग्राम)
जून मालिया (मेदिनीपुर)
अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा)
डॉ. शर्मिला सरकार (वर्धमान पूर्व)
शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
असित कुमार मल (बोलपुर)
शताब्दी रॉय (बीरभूम)
रचना बनर्जी (हुगली)
इस सूची में सबसे हैरान करने वाला नाम सयोनी घोष का है। बंगाल चुनाव में प्रचार के दौरान सयोनी घोष सबसे ज्यादा चर्चा में रही थीं। वह जिस तरह से रैलियों में भाषण दे रही थीं, उससे उन्हें ममता बनर्जी का विकल्प भी माना जाने लगा था। हिन्दू विरोध में तो सयोनी घोष को ममता बनर्जी की बराबरी पर रखा जाता है। यहां तक कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बयान दिया था कि उनके इतने बुरे दिन नहीं आए कि भगवान राम पर निर्भर रहना पड़े। उनके द्वारा गाया गया एक गीत भी मुस्लिम तुष्टीकरण के पर्याय के रूप में उभरा। जिसे भाजपा ने खूब उछाला भी और हिन्दू वोट एकजुट हो गया। इसके पहले सोशल मीडिया पर हिन्दू धर्म के विरुद्ध एक अमर्यादित पोस्ट को लेकर सयोनी घोष हमेशा से ही भाजपा एवं हिन्दू संगठनों के निशाने पर रही हैं।
अब यह देखने वाली बात होगी कि इतने विरोधाभासी विचारधारा के नेताओं के साथ भाजपा कैसे तालमेल बनाएगी। परंतु इन हालात में ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी ही नहीं, बल्कि दल का चुनाव चिन्ह, स्थिति एवं स्तर बचाना भी होगी।
📝 सारांश:
सारांश लोड हो रहा है...