भोपाल: डाकघरों में आईटी 2.0 सिस्टम लागू

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भोपाल में आईटी 2.0 सिस्टम लागू, लेकिन थर्मल रोल की कमी से अटकी आधुनिक डाक सेवा;

65 डाकघरों में नई तकनीक, लेकिन पुराने प्रिंटरों से निकल रही धुंधली रसीदें, ट्रैकिंग में हो रही परेशानी;

Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल, 04 जुलाई 2026:


भारतीय डाक विभाग ने डाक सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए आईटी 2.0 प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री और पार्सल की रसीदें तथा बारकोड लेबल, थर्मल प्रिंटर से प्रिंट किए जाते हैं, जिससे ग्राहकों को साफ रसीद और आसान ट्रैकिंग की सुविधा मिलती है। लेकिन भोपाल डाक संभाग में थर्मल पेपर रोल की कमी के कारण इस आधुनिक व्यवस्था का लाभ अभी पूरी तरह नहीं मिल पा रहा।

जानकारी के अनुसार भोपाल डाक संभाग के लगभग 65 डाकघरों में थर्मल प्रिंटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन कई डाकघरों में आवश्यक थर्मल रोल समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों को पुराने प्रिंटरों से रसीदें निकालनी पड़ रही हैं। इन रसीदों पर प्रिंट कई बार धुंधला होता है, जिससे ग्राहकों को ट्रैकिंग नंबर पढ़ने और ऑनलाइन पार्सल ट्रैक करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

क्या है आईटी 2.0 और थर्मल प्रिंटिंग व्यवस्था?

डाक विभाग की आईटी 2.0 परियोजना के तहत अब साधारण कागज की जगह विशेष थर्मल पेपर रोल का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रणाली में रसीद और बारकोड लेबल सीधे सिस्टम से प्रिंट होते हैं। यही तकनीक ई-कॉमर्स और निजी कूरियर कंपनियां भी अपनाती हैं। इससे मैनुअल त्रुटियां कम होती हैं और बारकोड स्कैन कर पार्सल की ट्रैकिंग आसान हो जाती है।

क्यों आ रही हैं दिक्कतें?

विभागीय सूत्रों के अनुसार कई डाकघरों में अभी पुराने और नए दोनों सिस्टम साथ-साथ चल रहे हैं। इसकी वजह केवल थर्मल रोल की कमी ही नहीं, बल्कि कुछ कर्मचारियों का नई प्रणाली में पूरी तरह प्रशिक्षित न होना और कुछ स्थानों पर प्रिंटर की सेटिंग व कैलिब्रेशन संबंधी तकनीकी समस्याएं भी हैं। इस कारण से ही कई जगह नई व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

नई व्यवस्था के प्रमुख फायदे:

  • रसीद पहले से अधिक स्पष्ट और पढ़ने योग्य होती है।
  • बारकोड बेहतर गुणवत्ता में प्रिंट होता है।
  • ऑनलाइन ट्रैकिंग अधिक आसान और सटीक होती है।
  • मैनुअल त्रुटियों की संभावना कम रहती है।
  • पार्सल प्रोसेसिंग तेज और अधिक पारदर्शी होती है।

क्या है प्रमुख चुनौती?

जब विभाग आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रिंटर उपलब्ध करा चुका है, तब सबसे बड़ी चुनौती इन प्रिंटरों के लिए पर्याप्त मात्रा में थर्मल पेपर रोल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यदि रोल की आपूर्ति समय पर हो और कर्मचारियों को नई प्रणाली का पर्याप्त प्रशिक्षण मिले, तो ग्राहकों को बेहतर और अधिक विश्वसनीय डाक सेवाएं मिल सकेंगी।

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