ऑपरेशन हमदर्द: रेलवे स्टेशनों पर अपराध रोकने की नई पहल
ऑपरेशन हमदर्द: रेलवे स्टेशनों पर अपराध रोकने की नई पहल, दो दिन में 235 बेसहारा लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार;
Tropic Reporters, भोपाल, अंज ठाकुर, 02 जुलाई 2026:
"रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में फ्लोटिंग पॉपुलेशन रहती है। ऑपरेशन हमदर्द ऐेसे लोगों का सही डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए अब हर साल जुलाई और जनवरी में चलाया जाएगा। इससे स्टेशन परिसर में सक्रिय अपराधियों की पहचान आसान होगी। साथ ही चोरी और अन्य अपराधों पर अंकुश लगेगा तथा बेसहारा बुजुर्गों, अनाथ बच्चों, महिलाओं और मजदूरों को हितकारी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी मदद मिलेगी।"--राजाबाबू सिंह, एडीजी जीआरपी, भोपाल
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| ऑपरेशन हमदर्द: रेलवे स्टेशन पर बेसहारा लोगों की जानकारी एकत्रित करती जीआरपी |
मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां रेलवे स्टेशन पर रहने वाले बेसहारा लोगों की 20 बिंदुओं पर डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेसहारा, भिक्षुक, निराश्रित, महिलाओं और नाबालिग बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश जीआरपी द्वारा शुरू किया गया 'ऑपरेशन हमदर्द' तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभियान के पहले दो दिनों में ही प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले 235 लोगों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की गई। इनमें 1 जुलाई को 150 और 2 जुलाई को शाम 6 बजे तक 85 लोगों पर कार्रवाई करते हुए उनका पूरा रिकॉर्ड तैयार किया गया।
जीआरपी अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में रहने वाले भिक्षुकों, निराश्रित व्यक्तियों, महिलाओं और बच्चों से संपर्क कर उनकी विस्तृत जानकारी जुटाई। इसके बाद उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों और संस्थाओं तक पहुंचाया गया। इनमें से करीब 40 प्रतिशत लोगों को रैन बसेरों में भेजा गया, जबकि अन्य को पुनर्वास और सहायता की प्रक्रिया से जोड़ा गया।
20 बिंदुओं पर हो रही है डिजिटल प्रोफाइल
अभियान के तहत प्रत्येक व्यक्ति की 20 बिंदुओं पर डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इसमें नाम, उम्र, स्थायी और वर्तमान पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, स्टेशन पर रहने की अवधि, परिजनों का संपर्क, आजीविका का साधन, साथ रहने वाले लोगों की जानकारी, आपराधिक रिकॉर्ड, नशे की लत और उससे जुड़ी अन्य जानकारियां दर्ज की जा रही हैं। इससे जरूरतमंद लोगों की पहचान आसान होगी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
मध्य प्रदेश इस तरह का डिजिटल प्रोफाइलिंग अभियान शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। जीआरपी का मानना है कि यह पहल रेलवे स्टेशनों को अधिक सुरक्षित बनाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा को भी नई दिशा देगी।


