वन अधिकार अधिनियम-2006 जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए: राज्यपाल

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वन अधिकार अधिनियम-2006 जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए, 15 अगस्त की विशेष ग्राम सभाओं से तेज होगा वन अधिकार अभियान: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल, 31 जुलाई 2026:

प्रदेश राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वन अधिकार अधिनियम-2006 जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए बनाया गया महत्वपूर्ण कानून है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम करें और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा जिम्मेदार नागरिकों का सहयोग भी लें।

सामुदायिक वन संसाधन अधिकार क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में राज्यपाल


राज्यपाल गुरुवार को लोकभवन स्थित सांदीपनि सभागार में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े अधिकारों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन करते हुए ग्राम सभाओं की प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरी की जाए तथा ग्राम सभा के कार्यों और वित्तीय प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से समय-समय पर वित्तीय प्रबंधन का निरीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास दीपाली रस्तोगी ने बताया कि 15 अगस्त को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से वन अधिकारों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी और सभी संबंधित विभागों का सहयोग लिया जाएगा।

प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा ने प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी दी, जबकि प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र सिंह ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण का भरोसा दिलाया। बैठक में राजस्व, वन और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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