ग्लासगो राष्ट्रमण्डल खेल 2026:
झंडू कुमार ने खोला भारत का खाता, मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, चानू के पदक ने भारतीय दल का आत्मविश्वास और उम्मीद बढ़ाई;
Tropic Reporters, Digital desk, ग्लासगो/भोपाल, 26 जुलाई 2026:
ग्लासगो 2026 राष्ट्रमण्डल खेलों में भारत ने शानदार पदकमय शुरुआत की है। झंडू कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता और पदक तालिका में भारत का खाता खोला। इसके तुरंत बाद, वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चानबाम ने पुरुषों की 60 किग्रा स्पर्धा में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। स्नैच वर्ग में उनके रिकॉर्ड प्रदर्शन की बदौलत भारत को इन खेलों में पहला एबल-बॉडी (सामान्य वर्ग) पदक भी मिल गया है।
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास
पदक का खाता तो खुल चुका था, लेकिन स्वर्ण पदक का आना अभी बाकी था। इस इंतजार को खत्म किया भारत की दिग्गज वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने। चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
इसके बाद 65 किग्रा पुरुष वर्ग में राजा मुथूपांडी ने भी रजत पदक अपने नाम कर लिया। मीराबाई की इस उपलब्धि के साथ भारत ने ग्लासगो में अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी जीत ने भारतीय दल का आत्मविश्वास और पदक उम्मीदें दोनों बढ़ा दी हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित खेल महाकुंभ में भारत के कुल 122 एथलीट पदक और पोडियम स्थान हासिल करने की दौड़ में हैं। भारतीय दल आठ प्रमुख खेलों के अलावा पांच एकीकृत पैरा खेलों में भी चुनौती पेश कर रहा है। भारत की नजरें इस बार एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, तैराकी, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स और लॉन बाॅल्स जैसे खेलों में पदक जीतने पर हैं। इसके साथ ही पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा स्विमिंग, पैरा ट्रैक साइक्लिंग और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भी भारतीय खिलाड़ी अपना दम दिखा रहे हैं।
लवलीना का पदक पक्का, लेकिन नजर गोल्ड पर
भारत की प्रसिद्ध मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किग्रा बॉक्सिंग इंवेट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर अपना पदक पक्का कर लिया है। बॉक्सिंग के नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल मैच हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है, जिससे लवलीना का पदक तय हो गया है। हालांकि, टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली लवलीना का लक्ष्य इस बार सिर्फ कांस्य नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक जीतना है। वह सेमीफाइनल और फाइनल में शानदार प्रदर्शन करके अपने पदक के रंग को बेहतर बनाना चाहती हैं।
अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल चार पदक जीत लिए हैं।
नीरज चोपड़ा से स्वर्ण की उम्मीद
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस बार भारतीय एथलेटिक्स टीम के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हैं। वह 32 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स दल का नेतृत्व कर रहे हैं। नीरज ने गोल्ड कोस्ट 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक इंवेट में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता था। चोट के कारण वह बर्मिंघम 2022 में अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाए थे। अब उनकी कोशिश ग्लासगो में दोबारा अपना दबदबा कायम करने की होगी।
एथलेटिक्स में कई बड़े नाम मैदान में
नीरज चोपड़ा के अलावा भारत को एथलेटिक्स में कई खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है। गुरिंदरवीर सिंह, अनीमेष कुजूर, मुरली श्रीशंकर, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और गुलवीर सिंह जैसे खिलाड़ी भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत कर रहे हैं। मुरली श्रीशंकर लंबी कूद, तजिंदरपाल सिंह तूर शॉटपुट और पारुल चौधरी व गुलवीर सिंह लंबी दूरी की दौड़ में भारत के लिए चुनौती पेश करेंगे।