संसद में मानसून सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक:
मानसून सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक संसद परिसर में शुरू, ममता गुट ने एनसीपीआई को बैठक में बुलाने पर विरोध किया;
विपक्ष सांकेतिक बहिष्कार करके वापस बैठक में लौटा
Tropic Reporters, Digital desk, नई दिल्ली, 19 जुलाई 2026:
संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक आज संसद परिसर में शुरू हो गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू और राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा भी मौजूद रहे।
आगामी मानसून सत्र के दौरान वंदेमातरम्, FCRA जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित किए जाने का कार्यक्रम है। एक सुगबुगाहट परिसीमन बिल को लेकर भी हो रही है, परंतु सरकार अभी तक इस विषय पर खुलकर कुछ भी नहीं बोल रही है। इस बैठक के माध्यम से सरकार संसद के दोनों सदनों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा कर रही है। संसद का मानसून सत्र कल से शुरू होगा और अगले महीने की 13 तारीख तक चलेगा।
बैठक शुरू होने के तुरंत बाद विपक्षी दलों ने एनसीपीआई को बैठक में सम्मिलित करने पर विरोध जताते हुए बैठक से वॉकआउट किया। वास्तव में टीएमसी ममता गुट बैठक में टीएमसी के बगावती गुट के सांसदों को एनसीपीआई सदस्यों के रूप में सम्मिलित करने का विरोध कर रहा था। तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट से सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सर्वदलीय बैठक में शामिल नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) संसद की मान्यता प्राप्त पार्टी नहीं है।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक, झारखंड मुक्ति मोर्चा, टीएमसी और आम आदमी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों ने विरोधस्वरूप बैठक का बहिष्कार किया है। उधर दूसरी तरफ सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, माकपा नेता जॉन ब्रिटास, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा सहित विपक्ष के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हो गए।