भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन के छात्र अध्याय का शुभारंभ
By Tropic Reporters — Thursday, July 9, 2026
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योग से विकसित होती है नेतृत्व क्षमता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता: डॉ. आर. एच. लता;
भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन के छात्र अध्याय का शुभारंभ, विद्यार्थियों ने जाना प्रभावी नेतृत्व का योग सूत्र;
Tropic Reporters, Digital Desk, भोपाल, 09 जुलाई 2026:
भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन के छात्र अध्याय का शुभारंभ ओरिएंटल मैनेजमेंट कॉलेज में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रबंधन के विद्यार्थियों को उद्योग जगत, नेतृत्व कौशल, व्यक्तित्व विकास तथा व्यावसायिक उत्कृष्टता से जोड़ना था। इस अवसर पर भारतीय योगिनी महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एच. लता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बीएमए के अध्यक्ष राजेश तिवारी, कॉलेज की निदेशक सुश्री शिखा भार्गव, संकाय सदस्य, बीएमए के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत से हुआ। इसके पश्चात बीएमए के छात्र अध्याय के गठन की औपचारिक घोषणा की गई।
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| भोपाल मैनेजमेंट एसोसिएशन: छात्र अध्याय का शुभारंभ |
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. आर. एच. लता ने "नेतृत्व विकास एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता के लिए योग" विषय पर अत्यंत प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते परिवेश में केवल शैक्षणिक योग्यता ही सफलता का आधार नहीं है, बल्कि आत्मनियंत्रण, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच, संवेदनशील नेतृत्व और प्रभावी संवाद क्षमता भी उतनी ही आवश्यक है। इन सभी गुणों का सबसे प्रभावी माध्यम योग है।
डॉ. लता ने कहा कि एक सफल नेता वही होता है जो पहले स्वयं को समझे और स्वयं पर नियंत्रण स्थापित करे। यदि व्यक्ति अपनी भावनाओं को पहचानना, उन्हें संतुलित रखना और उचित दिशा देना सीख ले, तो वह किसी भी चुनौती का शांतचित्त होकर सामना कर सकता है। योग व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और दूरदृष्टि का विकास होता है। उन्होंने बताया कि प्राणायाम मन को स्थिर और एकाग्र बनाता है, ध्यान मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है तथा योगासन शरीर और मन दोनों को संतुलित रखते हैं। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता, क्रोध और मानसिक दबाव में कमी आती है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति अधिक प्रभावी, रचनात्मक और सकारात्मक निर्णय लेने में सक्षम बनता है।
डॉ लता ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रबंधन केवल संसाधनों का प्रबंधन नहीं, बल्कि लोगों, विचारों और परिस्थितियों का संतुलित संचालन भी है। इसके लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों की भावनाओं को समझता है, सहानुभूति रखता है और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को संतुलित रखता है, वही एक सफल टीम लीडर बन सकता है। योग इन गुणों को स्वाभाविक रूप से विकसित करता है। अपने व्याख्यान के दौरान डॉ. लता ने विद्यार्थियों को सरल श्वास अभ्यास और ध्यान की कुछ विधियों का अभ्यास भी कराया तथा उन्हें प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर बीएमए के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि छात्र अध्याय का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं से परिचित कराना तथा उनमें नेतृत्व, नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करना है। कॉलेज की निदेशक सुश्री शिखा भार्गव ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने बीएमए और भारतीय योगिनी महासंघ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रम विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. लता ने सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया।
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