दतिया उप चुनाव: बम्पर मतदान, नरोत्तम मिश्रा और सीएम की साख का सवाल

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दतिया उपचुनाव: 71.44% मतदान, फर्जी वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बीच शांतिपूर्ण मतदान संपन्न, 3 अगस्त को आएगा परिणाम;

Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल/दतिया, 31 जुलाई 2026:

दतिया विधानसभा उपचुनाव प्रत्याशी

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से चुनाव रोमांचक बन गया

हुचर्चित मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर गुरुवार को हुए उपचुनाव में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव की तुलना में करीब 9 प्रतिशत कम रहा। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला है।

कई बूथों पर तकनीकी खराबी, समय से बदली गईं मशीनें

मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। शुरुआत में बूथ क्रमांक 186 पर वीवीपैट, 108 पर बैलेटिंग यूनिट और 290 पर कंट्रोल यूनिट में तकनीकी खराबी आई। निर्वाचन अधिकारियों ने समय रहते मशीनें बदलकर सभी केंद्रों पर समय पर मतदान शुरू करा दिया।

मतदान करके निशान दिखाते ग्रामीण

कांग्रेस ने लगाए फर्जी वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग के आरोप

मतदान के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने सिरोल और जिगना क्षेत्र में बाहरी लोगों के जरिए फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। उनका दावा था कि कुछ महिलाओं ने बिना वोटर आईडी के मतदान का प्रयास किया। कांग्रेस ने बूथ क्रमांक-51 पर भाजपा पोलिंग एजेंट द्वारा बूथ कैप्चरिंग की कोशिश का भी आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की।

पोलिंग एजेंट को पुलिस ले गई, बाद में छोड़ा

रामसागर क्षेत्र के बूथ क्रमांक-51 से कांग्रेस के पोलिंग एजेंट अभिनय सिंह कुशवाहा को पुलिस अपने साथ ले गई। पुलिस का कहना था कि वे मतदाताओं से बातचीत कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं के विरोध के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के आरोपों को चुनावी हार की आशंका से जुड़ी हताशा बताया।

पुलिस कार्रवाई पर भी उठा विवाद

मतदान शुरू होते ही शहर, बड़ई, बड़ौनी और जिगना क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के ठिकानों पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोप लगा कि कुछ नेताओं को 2 से 3 घंटे तक नजरबंद रखा गया। हालांकि एसपी मयूर खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के आधार पर दो कांग्रेस और पांच-छह भाजपा नेताओं को एहतियातन हिरासत में लेकर समझाइश दी गई थी और करीब दो घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया।

बारिश, सड़क बहिष्कार और सुरक्षा के बीच मतदान

मतदान के लिए 291 मतदान केंद्र बनाए गए थे और सुरक्षा के लिए एसएसबी सहित 16 कंपनियों के 1,422 जवान तैनात किए गए। कई क्षेत्रों में बारिश के कारण मतदान केंद्रों पर जलभराव हुआ, लेकिन मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों ने पहले मतदान का बहिष्कार किया, लेकिन प्रशासन की समझाइश के बाद उन्होंने मतदान किया। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता भी बड़ी संख्या में मतदान केंद्र पहुंचे।

क्यों हो रहा है उपचुनाव?

दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक फ्रॉड मामले में दो साल की सजा मिलने के बाद रिक्त हुई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराया था। अब 3 अगस्त को मतगणना के साथ यह तय होगा कि दतिया की जनता ने किसे अपना नया विधायक चुना है।

मतदान करने के बाद नरोत्तम मिश्रा

भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट घोषणा के अंतिम समय में काट कर आशीष तिवारी को दे दिया गया था। उसके बाद श्री मिश्रा के समर्थकों ने हिंसक उपद्रव कर दिया था। बाद में उनके समझाने पर लोग मान तो गए थे, लेकिन मतदान करने नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बहुत कम संख्या में बाहर निकले। इससे परिणामों पर प्रभाव पड़ने का संशय जताया जा रहा है। 
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