बैरागढ़, भोपाल: फर्जी दस्तावेजों से भूमि विक्रय
फर्जी दस्तावेजों से भूमि विक्रय का आरोप, बैरागढ़ थाने पहुंची महिला ने मामला वापस न लेने पर अड़ीबाज़ी का केस लगाने और जान से मरवाने की दी धमकी;
शिकायतकर्ता ने धमकी मिलने पर पुलिस से लगाई गुहार
Tropic Reporters, संदीप सिंह, Bhopal, 31 जुलाई 2026:
भूमि विक्रय विवाद में कानूनी नोटिस भेजने के बाद बैरागढ़ निवासी एक दंपती ने खुद को धमकियों के साये में बताया है। बैरागढ़ निवासी नैना केसवानी ने थाना बैरागढ़ में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके पति हीरो केसवानी द्वारा विधिक नोटिस भेजे जाने के बाद संबंधित पक्ष उन पर मामला वापस लेने का दबाव बना रहा है। विरोध करने पर झूठे अड़ीबाज़ी के मामले में फंसाने और जान से मरवा देने की धमकी दी जा रही है। महिला ने पुलिस से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
![]() |
| शिकायतकर्ता द्वारा महिला के विरुद्ध आवदेन |
शिकायत के अनुसार, हीरो केसवानी ने अधिवक्ता के माध्यम से हीरो ज्ञानचंदानी, होतचंद धनवानी (सिद्ध भाऊ) और महेश दयारामानी को विधिक नोटिस भेजा था। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि भूमि विक्रय के दौरान कथित रूप से फर्जी अनुमति के आधार पर रजिस्ट्री कराई गई तथा भूमि के डायवर्जन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई। इन्हीं तथ्यों को लेकर कानूनी नोटिस जारी किया गया था।
महिला का आरोप है कि नोटिस भेजे जाने के बाद से उनके पति पर लगातार समझौते और मामला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि ऐसा नहीं करने पर उनके पति को झूठे अड़ीबाज़ी के मामले में फंसाने और जान से मरवा देने की धमकी दी गई। इसके साथ ही नैना केसवानी ने आरोप लगाया है कि ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रकरण क्रमांक 77/2026 में उन पर कथित रूप से झूठी गवाही देने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
आवेदन में वर्ष 2024 के एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जीव सेवा संस्थान से जुड़े कथित मामलों को उठाने वालों पर पहले भी दबाव बनाने के लिए आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने का प्रयास हुआ था। इसी वजह से उन्हें आशंका है कि उनके पति के खिलाफ भी दुर्भावनापूर्ण तरीके से झूठा मामला दर्ज कराया जा सकता है।
महिला ने अपने आवेदन में मांग की है कि शिकायत को रिकॉर्ड पर लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा यदि भविष्य में कोई झूठा प्रकरण दर्ज कराया जाता है तो इस आवेदन को पूर्व में मिली धमकियों के साक्ष्य के रूप में माना जाए। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भी भेजी गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।


