मानव संग्रहालय में NSD के विद्यार्थियों के शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला का शुभारंभ
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों के शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला का मानव संग्रहालय में शुभारंभ;
Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 25 जुलाई 2026:
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला का शुभारंभ आज संग्रहालय के शैल कला भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के 30 से अधिक प्रथम वर्ष के विद्यार्थी सहभागिता कर रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय इस कार्यक्रम का सहभागी संस्थान है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी, लेखक एवं कलाकार श्री संजय मेहता थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संग्रहालय के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे ने की। इस अवसर पर मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री संजय श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने प्रेरक उद्बोधन में श्री संजय मेहता ने कहा कि भारतीय रंगमंच की परंपरा अत्यंत प्राचीन है, जिसकी जड़ें हमारे वेदों, पुराणों एवं नाट्यशास्त्र में निहित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल चिंतन ही नहीं, बल्कि मनन, साधना और निरंतर परिश्रम भी आवश्यक है। आज के समय में चिंतन तो बहुत है, किंतु मनन की स्थिति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को कबीरदास, गोस्वामी तुलसीदास, लियो टॉलस्टॉय तथा अन्य महान विभूतियों के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए अपने सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और भारतीय विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने अपना परिचय भी प्रस्तुत किया। एनएसडी से आए शिक्षक श्री अब्दुल कादिर शाह ने कहा कि संग्रहालय में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा अवसर है, जहाँ उन्हें भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और रंगमंच के विविध आयामों को निकट से समझने और सीखने का अवसर प्राप्त होगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. अमिताभ पांडे ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें हमारे गांवों और लोकजीवन में निहित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत तथा मातृभाषा के प्रति सम्मान और प्रेम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए ये विद्यार्थी अपनी-अपनी भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के संवाहक हैं तथा उन्हें इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के संयोजक श्री राजेंद्र झरिया ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के मध्य यह सहयोग भविष्य में भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा तथा दोनों संस्थान संस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र में संयुक्त रूप से नई पहल करते रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन श्री मोहम्मद रेहान ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को सीखने, समझने और भारतीय सांस्कृतिक विविधता को आत्मसात करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं। अंत में प्रशासनिक अधिकारी श्री पी. शंकर राव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया की इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न मुक्ताकाश एवं दीर्घा प्रदर्शिनियों का भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही लोक रंगमंच, नाट्य विधा, मानवशास्त्र, थिएटर एवं फिल्म, बुंदेलखंड की स्वांग परंपरा तथा संग्रहालय की पारंपरिक प्रौद्योगिकी, कुम्हार पारा, मिथकीय पथ एवं रिवर वैली कल्चर प्रदर्शनी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं संवाद आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक दिन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संकाय सदस्य श्री अब्दुल कादिर शाह द्वारा प्रातःकालीन मूवमेंट क्लास भी आयोजित की जाएगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से विद्यार्थियों को संग्रहालयों की शैक्षणिक भूमिका, सांस्कृतिक संरक्षण तथा भारतीय लोक एवं जनजातीय परंपराओं के अध्ययन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जो उनके रंगकर्मी एवं सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होगा।















