संसद का मॉनसून सत्र: विपक्ष का हठ, जनता के करोड़ों रुपए बर्बाद
संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, विपक्ष की हठधर्मिता से जनता के लगभग 170 करोड़ रुपए हुए बर्बाद;
विपक्ष के तमाशे से लोकसभा में 96 घंटे से ज्यादा कामकाज प्रभावित, 12 में से 11 बिल पास
Tropic Reporters, Digital desk, नई दिल्ली/भोपाल, 13 अगस्त 2026:
संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब एक घंटे तक चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिरला ने वंदे मातरम के गान के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
भारतीय संसद भवन
लोकसभा में 114 घंटे में सिर्फ 17.5 घंटे काम
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की 19 बैठकें हुईं। सामान्य तौर पर एक दिन करीब छह घंटे कामकाज के लिए निर्धारित होता है। इस हिसाब से करीब 114 घंटे कार्यवाही होनी थी, लेकिन सदन में लगभग 17 घंटे 30 मिनट ही काम हुआ। यानी करीब 96 घंटे 30 मिनट कार्यवाही नहीं हो सकी।
राज्यसभा में भी 19 बैठकें हुईं। यहां करीब 114 घंटे की निर्धारित कार्यवाही में से लगभग 37 घंटे 24 मिनट ही काम हुआ। इस तरह करीब 76 घंटे 36 मिनट का समय कामकाज में इस्तेमाल नहीं हो सका।
12 नए बिल पेश, 11 दोनों सदनों से पास
मानसून सत्र में कुल 12 नए बिल पेश किए गए। इनमें 10 बिल लोकसभा और दो राज्यसभा में पेश हुए। इनका संबंध टैक्स, बैंकिंग, खनन, ट्रिब्यूनल, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, परीक्षा में नकल रोकने, केरल का नाम बदलने और सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दों से था।
माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन (MMDR) संशोधन बिल के राज्यसभा से पारित होने के बाद अब 12 में से 11 बिल दोनों सदनों से पास हो चुके हैं। केवल भारतीय सांख्यिकी संस्थान बिल दोनों सदनों से पारित नहीं हुआ है।
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