भोपाल BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन 2026:
भोपाल में शुरू हुआ BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026, 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों ने की शिरकत, चार दिन तक संस्कृति और विरासत पर होगा मंथन, मिंटो हॉल में BRICS संस्कृति कार्य समूह की बैठक शुरू;
आम जनता के लिए विशेष प्रदर्शनियां खुलीं, विदेशी मेहमान चखेंगे मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 05 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बुधवार से अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में हुआ। चार दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और संस्कृति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पहले दिन प्रतिनिधियों का पंजीकरण, फोटो सेशन, द्विपक्षीय बैठकें और संस्कृति कार्य समूह की बैठकें आयोजित की गईं।
सम्मेलन स्थल पर 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' विषयों पर तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, जो 8 अगस्त तक आम जनता के लिए भी खुली रहेंगी। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से भारत की पांडुलिपि विरासत, समुद्री सांस्कृतिक संबंध, सभ्यतागत जुड़ाव, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक कूटनीति को प्रदर्शित किया जा रहा है।
मेहमानों के लिए मध्यप्रदेश के साथ पाश्चात्य व्यंजन
विदेशी प्रतिनिधियों के लिए मध्य प्रदेश की संस्कृति और खानपान को विशेष रूप से शामिल किया गया है। लंच और डिनर में दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा तथा कोदो-कुटकी जैसे मिलेट आधारित व्यंजन परोसे जा रहे हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए वेस्टर्न और ओरिएंटल व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई है।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना, विरासत संरक्षण, संग्रहालयों, रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देना है।
मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति
6 अगस्त को ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक में संस्कृति मंत्रियों के संयुक्त घोषणापत्र के मसौदे पर चर्चा होगी। इसी दिन शाम को रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जहां सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। यह कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला रहेगा।
7 अगस्त को ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। शाम को 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026' का मुख्य आयोजन होगा। इसमें भारत सहित बेलारूस, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसी दिन 125 से अधिक कलाकारों द्वारा 'अमृतस्य मध्य प्रदेश–एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा' का मंचन किया जाएगा, जिसमें भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, चंदेरी और मध्य प्रदेश की जनजातीय संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें सांस्कृतिक सहयोग को लेकर साझा घोषणापत्र अपनाया जाएगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विदेशी प्रतिनिधियों के सम्मान में दोपहर भोज देंगे। इसके बाद सभी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेंगे, जहां चेतियागिरी मंदिर में दर्शन, योग एवं ध्यान सत्र के साथ 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा।
9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। यह दौरा भारत की प्रागैतिहासिक शैल कला और सांस्कृतिक विरासत से विदेशी मेहमानों को परिचित कराएगा।
सम्मेलन में ब्राजील, इथियोपिया सहित ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संस्कृति मंत्रालयों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत, 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना और मध्य प्रदेश की समृद्ध कला-संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।