51% बढ़ी गंगाजल की मांग:

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तीन साल में 51% बढ़ी गंगाजल की मांग, डाकघरों में बढ़ा भरोसा, 250 मि. ली. गंगाजल सिर्फ 30 रुपये में उपलब्ध;

10 सितंबर, Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल:

गंगाजल की आपूर्ति में सक्रिय भूमिका निभाते डाकघर
धुनिक दौर में जीवनशैली तेजी से बदल रही है, लेकिन धार्मिक आस्था आज भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बनी हुई है। पूजा-पाठ, अभिषेक, गृह प्रवेश, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य शुभ अवसरों पर गंगाजल का इस्तेमाल आज भी परंपरा के रूप में किया जाता है। इसका असर डाकघरों के जरिए होने वाली गंगाजल की बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है। सावन के दौरान तीन साल में गंगाजल की मांग लगातार बढ़ी है। वर्ष 2024 में जहां 4,212 बोतलें बिकी थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4,614 और 2026 में 6,383 बोतल तक पहुंच गया। यानी तीन साल में बिक्री में करीब 51.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।डाक विभाग की ओर से 250 एमएल की गंगाजल बोतल 30 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है। विभाग के अनुसार यह कीमत केवल लागत मूल्य है। उद्देश्य गंगाजल को व्यावसायिक लाभ के लिए बेचने के बजाय अधिक से अधिक लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। साल-दर-साल बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि लोगों में डाकघरों के माध्यम से गंगाजल प्राप्त करने की रुचि बढ़ रही है।

2024 से 2026 तक ऐसे बढ़ी बिक्री

सावन के महीने में वर्ष 2024 में प्रदेशभर के डाकघरों के माध्यम से 4,212 बोतल गंगाजल वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 4,614 बोतल हो गया। वहीं 2026 में बिक्री में बड़ा उछाल आया और कुल 6,383 बोतल गंगाजल की बिक्री हुई। इस हिसाब से 2025 में 2024 की तुलना में करीब 9.5 फीसदी, जबकि 2026 में 2025 की तुलना में करीब 38.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। तीन साल में बिक्री 2,171 बोतल बढ़ी है।

ग्वालियर में सबसे ज्यादा, शहडोल में सबसे कम बिक्री

वर्ष 2026 के आंकड़ों में ग्वालियर सबसे आगे रहा। यहां 979 बोतलें बिकीं, जिससे 29,370 रुपये की राशि रही। इसके बाद इंदौर सिटी में 739, रतलाम में 556, मंदसौर में 503 और भोपाल में 484 बोतलों की बिक्री हुई। सागर में 422, एनडीपीएम में 378, बालाघाट में 377, खंडवा में 328 और उज्जैन में 302 बोतलें बिकीं।

इसके अलावा जबलपुर में 236, गुना में 177, छिंदवाड़ा में 174, इंदौर एमएफएल में 143, सीहोर में 120, मंडला में 101, छतरपुर में 93, विदिशा में 45, रीवा में 44 और मुरैना में 24 बोतलें बिकीं। सबसे कम बिक्री शहडोल में छह बोतलों की रही। सतना में 152 बोतलों की बिक्री हुई, जबकि अन्य स्थानों पर भी लोगों ने गंगाजल खरीदा।

पिछले 3 वर्षों में गंगाजल की मांग में वृद्धि
"हमारा उद्देश्य गंगाजल से मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। डाकघरों के विस्तृत नेटवर्क के कारण लोगों को अलग-अलग स्थानों से गंगाजल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यही सुविधा और लागत मूल्य पर उपलब्धता इसकी मांग बढ़ने की एक वजह मानी जा रही है।"

-चंद्रेश जैन, सहायक निदेशक, परिमंडल डाक विभाग

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