भारतीय रेलवे: 'स्पेशल कैम्पेन-6.0'
रेलवे में महीनेभर चलेगा अभियान, सफाई के साथ ई-कचरा और पुराने रिकॉर्ड होंगे व्यवस्थित; 15 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा, 31 अक्टूबर तक चलेगा स्पेशल कैंपेन
कचरा और ई-कचरा हटाने के साथ दफ्तरों में बेकार सामान भी निकलेगा
24 सितंबर 2026, Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल:
भारतीय रेलवे द्वारा 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक स्वच्छता और कामकाज सुधारने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें सिर्फ स्टेशन और कार्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कचरे के सही निपटान, ई-कचरे को हटाने और लंबे समय से लंबित मामलों को खत्म करने पर भी जोर रहेगा। सभी जोनल रेलवे और मंडलों को अभियान की रोजाना ऑनलाइन रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई से पहले और बाद की जियो-टैग तस्वीरें भी अपलोड करनी होंगी। इसके लिए हर जोन और मंडल में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो अभियान की निगरानी और रिपोर्टिंग करेगा।
स्वच्छता ही सेवा अभियान
1 से 15 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा
‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ 1 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें स्टेशनों, कार्यालयों और अन्य रेलवे परिसरों में सफाई व्यवस्था को बेहतर रखने पर जोर रहेगा। जहां कचरा जमा होता है, वहां उसे हटाने के साथ गीले-सूखे कचरे के उचित प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को भी सफाई व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश होगी। अभियान के दौरान हर दिन किए गए काम की ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी।
2 से 31 अक्टूबर तक चलेगा स्पेशल कैंपेन
इसके साथ ही 2 से 31 अक्टूबर तक ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’ चलेगा। इसमें रेलवे के कार्यालयों और कार्यस्थलों पर लंबे समय से लंबित मामलों को निपटाने पर जोर रहेगा। पुराने रिकॉर्ड, बेकार सामान और अनुपयोगी सामग्री को हटाकर जगह खाली की जाएगी। ई-कचरे का भी उचित तरीके से निपटान किया जाएगा। इससे कार्यालयों में अनावश्यक सामान कम होगा और काम करने के लिए ज्यादा व्यवस्थित जगह मिल सकेगी।
सफाई से पहले और बाद की दिखेंगी जियो-टैग फोटो
अभियान के लिए स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTUs) को चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर सफाई से पहले और बाद की जियो-टैग तस्वीरें ली जाएंगी। अभियान की प्रगति और तस्वीरों को सीएचसी पोर्टल और ‘स्वच्छता समीक्षा पोर्टल’ पर रोजाना अपलोड करना होगा। इससे यह देखा जा सकेगा कि किस जगह पर सफाई का काम हुआ और उसके बाद स्थिति में कितना बदलाव आया।
आपदा प्रभावित इलाकों में सफाई और राहत साथ-साथ
बाढ़ या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सफाई अभियान को राहत कार्यों के साथ जोड़ा जा सकेगा। ऐसे इलाकों में मलबा और कचरा हटाने के साथ प्रभावित स्थानों की सफाई करने पर जोर रहेगा। इससे राहत कार्यों के दौरान गंदगी और संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिलेगी।
उत्कृष्ट काम करने वाली इकाइयों को पुरस्कार
अभियान के दौरान बेहतर काम करने वाली रेलवे इकाइयों को सम्मानित भी किया जाएगा। उत्कृष्ट योगदान, लोगों की भागीदारी और नए तरीके से सफाई व्यवस्था सुधारने वाली इकाइयों के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से तीन पुरस्कार (शील्ड) दिए जाएंगे।
विशेष अभियान से होंगे कई लाभ:
- स्टेशनों और कार्यालयों में कचरा जमा होने की समस्या कम होगी।
- ई-कचरे और पुराने अनुपयोगी सामान का व्यवस्थित निपटान हो सकेगा।
- कार्यालयों में जगह खाली होने से कामकाज ज्यादा व्यवस्थित होगा।
- लंबित मामलों के निपटारे से पुराने कामों का बोझ कम होगा।
- जियो-टैग फोटो और ऑनलाइन रिपोर्टिंग से सफाई के काम की निगरानी आसान होगी।
- यात्रियों और कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ने से सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
- आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सफाई के साथ राहत कार्य होने से गंदगी और संक्रमण का खतरा कम करने में मदद मिलेगी।