सिकल सेल और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम: युवाओं की बढ़े सहभागिता

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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की, जागरूकता अभियान में युवाओं को सहभागी बनाने का आह्वान

"सिकल सेल स्क्रीनिंग में बच्चों को दें प्राथमिकता, स्कूल और आंगनवाड़ी में लगें कैंप": राज्यपाल

16 सितंबर 2026, Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल:

सिकल सेल और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते राज्यपाल एवं उप मुख्यमंत्री
ध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग में बच्चों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। राज्यपाल बुधवार को लोकभवन में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन 2047 और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे।

1.34 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग, 92% को जेनेटिक कार्ड

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक 1 करोड़ 34 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 92 प्रतिशत लोगों को जेनेटिक कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। ‘सिकल मित्र’ पहल के तहत प्रदेश में 4,825 सिकल मित्र बनाए गए हैं और इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टीबी रोगियों के उपचार के बाद स्वस्थ होने की दर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है। साथ ही टीबी से होने वाली मृत्यु दर में भी कमी आई है।

युवाओं को बनाएं ‘सिकल मित्र’

राज्यपाल ने कहा कि सिकल सेल और टीबी उन्मूलन अभियान में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए युवाओं को अभियान से जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों के बीच जाकर उन्हें ‘सिकल मित्र’ बनने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।

आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विभाग की ओर से 30 हजार से अधिक सिकल सेल रोगियों को घर-घर जाकर दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित लोगों से लगातार संपर्क भी किया जा रहा है। कॉलेज विद्यार्थियों और राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों को ‘सिकल मित्र’ बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत सिकल सेल प्रभावित बड़वानी, धार और अनूपपुर जिलों से की जाएगी।

टीबी मरीजों की दवा की निगरानी पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि टीबी का उपचार छह महीने में पूरा किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेना जरूरी है। उन्होंने मरीजों के दवा सेवन की नियमित निगरानी की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने सिकल सेल और टीबी उन्मूलन में सांसदों और विधायकों का सहयोग लेने के निर्देश दिए, ताकि स्वास्थ्य शिविरों और जरूरी संसाधनों के लिए स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल सके।

जनजातीय योजनाओं की समीक्षा

बैठक के बाद राज्यपाल ने जनजातीय कार्य विभाग के साथ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के विकास और कल्याण को प्राथमिकता देने तथा योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने पीएम जनमन योजना के तहत 9 विभागों की 11 अधोसंरचनात्मक योजनाओं और धरती आबा अभियान के तहत 17 विभागों की 25 योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने हितग्राही आधारित योजनाओं में शत-प्रतिशत उपलब्धि की जानकारी भी दी।

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