Gen-Z के बीच PM मोदी का नया अंदाज: करीब 25 मिनट किया संवाद

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वडोदरा में Gen-Z के बीच PM मोदी का नया अंदाज, ‘We Will Rock You’ से एंट्री, Gen-z से करीब 25 मिनट किया संवाद, ‘झूठ की गूंज’ से राहुल गांधी को घेरा, बताया नाराज फूफा;

Y-रैंप से युवाओं के बीच पहुंचे मोदी, AI, स्किल, फ्रेट कॉरिडोर से लेकर फेक दावों तक की बात

08 सितंबर 2026, Tropic Reporters, Digital desk, वडोदरा/भोपाल:

Gen-Z के बीच PM मोदी की नए अंदाज में ‘We Will Rock You’ से एंट्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा में Gen-Z युवाओं के बीच संवाद का अंदाज भी बदला और राजनीतिक संदेश भी दिया। महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में करीब 6 हजार युवाओं के बीच पीएम ने लगभग 25 मिनट संवाद किया। मंच पर पहुंचते ही Queen का मशहूर गाना ‘We Will Rock You’ बजा। इसके बाद फिल्म ‘धुरंधर’ का ‘आरी आरी’ गाना भी बजाया गया। खास तौर पर तैयार किए गए Y आकार के रैंप से मोदी युवाओं के बीच पहुंचे।

‘झूठ की गूंज’ से बचने की अपील, कांग्रेस पर निशाना

मोदी ने युवाओं से कहा कि लोग उन्हें ‘झूठ की गूंज’ के जरिए गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन भारत का युवा सच्चाई के साथ आगे बढ़ता है। उनके इस बयान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान पर तंज माना गया। मोदी ने विपक्ष और सरकार की विकास योजनाओं के आलोचकों को ‘नाराज फूफाजी’ कहकर भी निशाना बनाया।

'NaMo for Viksit Bharat' में युवाओं से AI एवं स्किल डेवलपमेंट का आह्वान
AI और स्किल डेवलपमेंट पर जोर

प्रधानमंत्री ने युवाओं से बदलती तकनीक के साथ खुद को तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को AI का सुपरपावर बनाने के लिए केवल तकनीक नहीं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार करना होगा। युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और अपग्रेडेशन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अब सिर्फ डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से नई स्किल सीखना जरूरी है।

फ्रेट कॉरिडोर को बताया विकास का उदाहरण

मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2004 में इस प्रोजेक्ट पर विचार शुरू हुआ था, लेकिन 2014 तक यह फाइलों में ही घूमता रहा। उनकी सरकार के बाद काम में तेजी आई और करीब 2,800 किलोमीटर लंबे फ्रेट कॉरिडोर का नेटवर्क तैयार हुआ। उन्होंने कहा कि अलग ट्रैक होने से मालगाड़ियों की रफ्तार और लॉजिस्टिक्स दोनों बेहतर हुए हैं।

पीएम का Gen-Z के साथ सीधा संवाद
जंतर-मंतर के बाद Gen-Z पर फोकस

हाल के Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के बाद युवाओं के मुद्दे राजनीति के केंद्र में आए हैं। इसके बाद भाजपा, कांग्रेस और RSS तीनों की ओर से युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाने की कोशिश दिखाई दे रही है।

भाजपा की रणनीति: जुलाई से मोदी का सोशल मीडिया और युवा-केंद्रित संवाद ज्यादा नजर आया। 20 अगस्त को उन्होंने मंत्रियों को विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ समय बिताने और सरकारी स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए।

सोशल मीडिया कनेक्ट

Data Beings के विश्लेषण के मुताबिक 20 जुलाई के बाद मोदी की प्रति Instagram पोस्ट औसत एंगेजमेंट 1.19 मिलियन से बढ़कर 4.63 मिलियन हो गई, यानी करीब 290% की बढ़ोतरी।

SRCC में भी Gen-Z अंदाज: 5 सितंबर को SRCC के शताब्दी समारोह में मोदी ने ‘OG’ और ‘Flex’ जैसे युवाओं में लोकप्रिय शब्दों का इस्तेमाल किया।

कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’: राहुल गांधी और कांग्रेस भी छात्रों से सीधे संवाद और कैंपस से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला रहे हैं। वडोदरा के कार्यक्रम के बाद गुजरात में ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों की चर्चा और तेज हुई है।

RSS का युवा संवाद: अगस्त में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में 15 से 19 वर्ष के करीब 2 हजार छात्रों से संवाद किया। इनमें देश के 100 से ज्यादा शहरों के युवा शामिल हुए।

हर चार में करीब एक वोटर युवा

चुनाव आयोग के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक देश में 18 से 29 वर्ष के मतदाताओं की हिस्सेदारी 22.78% थी। यानी कुल मतदाताओं में लगभग हर चार में से एक इसी आयु वर्ग का है। गुजरात में यह हिस्सेदारी 23.32% और उत्तर प्रदेश में 21.19% थी। यही वजह है कि राजनीतिक दलों की नजर अब Gen-Z के मुद्दों, भाषा और सोशल मीडिया व्यवहार पर ज्यादा है।

वडोदरा का कार्यक्रम इसी बदलती राजनीतिक रणनीति की तस्वीर दिखाता है-जहां भाषण के साथ संगीत, सोशल मीडिया वाली भाषा, AI और स्किल जैसे मुद्दे भी युवा वोटरों तक पहुंच बनाने का माध्यम बन रहे हैं।

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