युवा CA संगोष्ठी
"आप सिर्फ अकाउंट नहीं, लोगों का भरोसा संभालते हैं"-किरण बेदी; भोपाल में युवा सीए सम्मेलन को संबोधित किया
अंज ठाकुर, भोपाल, 16 मई 2026:
"जब आप कुछ लीड कर रहे हो, तो आपको किसी से परमिशन लेने की जरूरत नहीं है।" ICAI भोपाल के सेमिनार को संबोधन के अवसर पर, नेतृत्व, अनुशासन, AI और राष्ट्र निर्माण पर देश की प्रथम महिला IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने कही। राजधानी भोपाल में आयोजित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की भोपाल शाखा के ‘महिला और युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ विशेष सेमिनार में युवाओं को जिंदगी, नेतृत्व, अनुशासन और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को लेकर प्रेरित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने भोपाल से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा, यहां आकर ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही घर आ गई हूँ।
लीडर बनने के लिए परमिशन नहीं, आत्मविश्वास चाहिए
कार्यक्रम में किरण बेदी ने युवा सीए से कहा कि यदि आपके अंदर नेतृत्व करने का आत्मविश्वास है तो किसी की अनुमति का इंतजार मत कीजिए। आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाइए। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए छोटी-छोटी अच्छी आदतें बहुत जरूरी होती हैं। अपने दिन की शुरुआत अनुशासन से करिए और धीरे-धीरे उन्हें अपनी आदत बना लीजिए। उन्होंने युवाओं को ज्यादा पढ़ने, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने, समय का सही उपयोग करने और सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना करने से बचने की सलाह दी।
हर चीज की शुरुआत आपसे होती है
किरण बेदी ने कहा कि किसी भी सफलता की असली नींव व्यक्ति खुद होता है। सबसे पहले खुद को पहचानिए, क्योंकि हर चीज की शुरुआत आपसे होती है। आपके बिना कोई काम न शुरू होता है और न ही पूरा होता है। उन्होंने कहा कि परिणाम की चिंता करने के बजाय अपना काम पूरी ईमानदारी और समर्पण से करते रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश के लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट्स समाज की एक-एक समस्या को गंभीरता से उठाएं और अपने क्लाइंट्स के साथ मिलकर समाधान पर काम करें, तो देश की स्थिति काफी बेहतर हो सकती है।
CA केवल हिसाब नहीं, विश्वास संभालते हैं
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका को समझाते हुए उन्होंने कहा कि आप ट्रस्ट मशीन हैं। लोग सीए के पास इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें भरोसा होता है कि उनका काम सही दिशा में होगा। उन्होंने कहा कि क्लाइंट केवल आईटीआर भरने के लिए पैसे नहीं देता, बल्कि वह मानसिक शांति खरीदता है। उन्होंने बताया कि देश की हर बड़ी कंपनी के पीछे किसी न किसी सीए का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
उन्होंने कहा कि एक अच्छे चार्टर्ड अकाउंटेंट में क्षमता, ईमानदारी, साहस, सवाल पूछने की जिज्ञासा और सार्वजनिक जिम्मेदारी होना बेहद जरूरी है। यह पेशा केवल गणित या अकाउंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने का काम करता है।
AI मदद कर सकता है, लेकिन मानव समझ का स्थान नहीं ले सकता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बोलते हुए किरण बेदी ने कहा कि AI एक सहायक की तरह काम कर सकता है, लेकिन वह इंसानी निर्णय क्षमता, अनुभव और नैतिकता की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि जो प्रोफेशनल AI का सही उपयोग करना सीखेंगे, वे भविष्य में आगे बढ़ेंगे। AI ऑडिट एनालिटिक्स, फ्रॉड डिटेक्शन, रिसर्च और डेटा मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में मददगार साबित हो सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय इंसानी समझ से ही संभव है।
तिहाड़ जेल सुधार का अनुभव भी किया साझा
सीए के सवालों का जवाब देते हुए किरण बेदी ने तिहाड़ जेल में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने वहां काम शुरू किया, तब संसाधनों की भारी कमी थी और कई लोग बदलाव नहीं चाहते थे। लेकिन उन्होंने शिकायत करने के बजाय लगातार काम करना चुना। धीरे-धीरे जेल व्यवस्था में पारदर्शिता आई, कैदियों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगीं और लोगों का भरोसा बढ़ा। उन्होंने कहा कि बदलाव किसी बड़े आदेश से नहीं आता, बल्कि ईमानदारी और लगातार काम करते रहने से आता है।
अनुशासन ही सबसे बड़ी ताकत
अपने निजी जीवन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में ईश्वर की कृपा के साथ अनुशासन का बहुत बड़ा योगदान है। वे रोज एक घंटा स्विमिंग करती हैं और मंत्र जाप करती हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रखना पसंद करती हैं, क्योंकि उन्हें किसी पर बोझ बनना पसंद नहीं है।
