रेलवे: मानसून में कम लेट होंगी ट्रेनें?
इस मानसून में कम लेट होंगी ट्रेनें! भोपाल रेल मंडल ने पिछले साल से सबक लेकर बढ़ाई चौकसी;
118 पेट्रोलमैन और 174 वाचमैन 24 घंटे निगरानी पर, भोपाल-इटारसी समेत संवेदनशील रेलखंडों और 50 से अधिक पुलों पर विशेष नजर;
Tropic Reporters, भोपाल, अंज ठाकुर, 05 जुलाई 2026:
पिछले वर्ष मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण भोपाल रेल मंडल में ट्रैक पर जलभराव और सुरक्षा संबंधी कारणों से 35 से 40 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई थीं। बीना-कटनी और गुना-ग्वालियर सेक्शन सहित कई स्थानों पर पटरियों पर पानी भरने की स्थिति बनी थी। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे को 40 से 50 से अधिक बार स्पीड रेस्ट्रिक्शन लागू करना पड़ा, जिससे ट्रेनों की रफ्तार धीमी हुई और यात्रियों को घंटों की देरी का सामना करना पड़ा। इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने मानसून शुरू होते ही व्यापक तैयारी कर ली है।
मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के निर्देशन में भोपाल मंडल ने सबसे व्यस्त और संवेदनशील भोपाल-इटारसी रेलखंड सहित भोपाल-बीना, बीना-गुना, गुना-अशोकनगर-रूठियाई और इटारसी-नर्मदापुरम रेलखंडों पर निगरानी कई गुना बढ़ा दी है। इन मार्गों पर ट्रैक, पुलों और जलभराव संभावित स्थानों की नियमित मानिटरिंग की जा रही है, ताकि बारिश के दौरान भी रेल संचालन सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।
118 ट्रैकमैन और 174 वाचमैन की विशेष टीम तैनात:
रेलवे ने ट्रैक सुरक्षा के लिए 118 ट्रैक पेट्रोलमैन और 174 वाचमैन की विशेष टीम तैनात की है। ये कर्मचारी 24 घंटे रेलवे ट्रैक, घाट सेक्शन, पुलों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं। मंडल के 1,587 पुलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जिनमें 50 से अधिक पुल संवेदनशील श्रेणी में हैं। इन पुलों पर जलस्तर की लगातार मानिटरिंग की जा रही है और किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देकर कार्रवाई की व्यवस्था बनाई गई है।
ट्रैक और स्टेशन परिसरों में जलभराव रोकने के लिए नालियों, पुलियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई के साथ ट्रैक के आसपास जमा मलबा हटाया गया है। जबकि ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन (ओएचई), सिग्नल सिस्टम और संचार व्यवस्था का संयुक्त निरीक्षण भी पूरा कर लिया गया है। संभावित खतरा बनने वाले पेड़ों की छंटाई कर दी गई है तथा आपात स्थिति के लिए वाकी-टाकी और अन्य संचार उपकरण हर समय सक्रिय रखे गए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश होती है, तब भी तैयारियों के कारण ट्रैक पर किसी भी खतरे की समय रहते पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। इसका सीधा लाभ भोपाल और आसपास के हजारों यात्रियों को मिलेगा। ट्रेनों के अनावश्यक विलंब, स्पीड रेस्ट्रिक्शन और परिचालन बाधित होने की आशंका कम होगी, जिससे मानसून के दौरान भी यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक रेल यात्रा मिल सकेगी।