MP विधानसभा: मॉनसून सत्र
मप्र विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन रिकॉर्ड 14 विधेयक पेश, यूसीसी पर सियासत तेज;
आज सदन में होगी बड़ी बहस
Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 21 जुलाई 2026:
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत राजनीतिक गर्माहट के साथ हुई। सत्र के पहले ही दिन सरकार ने एक साथ 14 विधेयक सदन के पटल पर रखकर नया रिकॉर्ड बनाया। विधानसभा के इतिहास में पहली बार एक ही दिन इतनी बड़ी संख्या में विधेयक पेश किए गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक सहित कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं। मंगलवार को इनमें से आठ प्रमुख विधेयकों पर सदन में विस्तृत चर्चा होगी।
एक दिन में 14 विधेयकों से बना नया रिकॉर्ड
सरकार की ओर से पेश किए गए विधेयकों में यूसीसी, कार्यस्थल सशक्तीकरण (श्रम शक्ति) संहिता, धन्वंतरि स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मप्र संशोधन), राजमार्ग संशोधन, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन, निजी विश्वविद्यालय संशोधन, वैट संशोधन, जीएसटी संशोधन और निरसन विधेयक समेत कुल 14 प्रस्ताव शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रस्तावित 14 में से आठ विधेयकों पर आज मंगलवार के दिन चर्चा और बहस का समय तय किया है।
पूरक कार्यसूची को लेकर विपक्ष का विरोध
इतने महत्वपूर्ण विधेयकों को मुख्य कार्यसूची के बजाय पूरक कार्यसूची के माध्यम से पेश किए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई। विधायक बाला बच्चन और सचिन यादव ने कहा कि सदस्यों को पहले से पर्याप्त समय और जानकारी नहीं दी गई, जिससे वे विधेयकों का अध्ययन नहीं कर सके। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सहमति के बाद ही पूरक कार्यसूची जारी की गई थी और यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है।
यूसीसी पर आरिफ मसूद का संशोधन प्रस्ताव
यूसीसी विधेयक को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधानसभा सचिवालय को संशोधन प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने मांग की है कि जिन समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं संविधान के अनुच्छेद 25 और अनुच्छेद 29 के तहत संरक्षित हैं, उन्हें यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाए। उनका कहना है कि विधेयक में ऐसे समुदायों के पारंपरिक और सांस्कृतिक अधिकारों की स्पष्ट सुरक्षा का प्रावधान होना चाहिए।
स्थगन प्रस्ताव पर भी हुआ हंगामा
सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक दिनेश जैन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कथित जमीन खरीद के मामले पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे वर्ष 2023 का मामला बताते हुए तत्कालीन विषय नहीं माना। विधानसभा अध्यक्ष ने भी नियमों का हवाला देते हुए स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।