मप्र विधानसभा: UCC सहित 4 विधेयक पारित, हंगामे भरा रहा दूसरा दिन

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मॉनसून सत्र के दूसरे दिन मप्र विधानसभा में दिनभर हंगामा, UCC पर तीखी बहस, चार विधेयक पास;

Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 21 जुलाई 2026:

ध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन से लेकर मुख्यमंत्री के चैंबर तक सियासी घमासान देखने को मिला। दिन की शुरुआत समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को लेकर कांग्रेस के विरोध से हुई, जबकि शाम पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस विधायकों के धरने के साथ समाप्त हुई। पूरे दिन हंगामे और दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद सरकार ने UCC सहित चार महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए।

UCC विधेयक पर हंगामा, दो बार स्थगित हुई कार्यवाही

मंगलवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। तीन प्रतीकात्मक शव रखकर उन पर भाजपा, आरएसएस और एबीवीपी लिखे कफन ओढ़ाए गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए UCC जैसे विषयों को आगे ला रही है।

सदन में सरकार ने मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 पेश किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधेयक को विस्तृत समीक्षा के लिए प्रवर (सेलेक्ट) समिति के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे अस्वीकार कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पहले 10 मिनट और फिर 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का मुद्दा

UCC पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन, आतिफ अकील, आरिफ मसूद और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह विधेयक संविधान की मूल भावना के अनुरूप नहीं है। विपक्ष ने अनुच्छेद-29 का हवाला देते हुए अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक और शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया और कहा कि विधेयक को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाना चाहिए। हालांकि सरकार ने बहुमत के आधार पर विधेयक पारित करा लिया।

सिंघार का सरकार पर हमला

बहस के दौरान उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने और दिल्ली नेतृत्व को खुश करने के लिए UCC विधेयक लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी, शिक्षा, किसानों और महंगाई जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने पारित कराए चार महत्वपूर्ण विधेयक:

हंगामे के बीच विधानसभा ने चार प्रमुख विधेयकों को मंजूरी दे दी—

  • मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026
  • मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक-2026
  • मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026
  • मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक-2026

फायर और श्रम कानून में बड़े बदलाव

नए अग्निशमन कानून के तहत बहुमंजिला इमारतों के लिए हर वर्ष फायर सेफ्टी एनओसी अनिवार्य होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, जरूरत के अनुसार नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के विशेष अधिकार मिलेंगे।

वहीं, नई श्रम शक्ति संहिता के तहत गिग वर्कर्स को भी कानूनी दायरे में शामिल किया गया है। कर्मचारियों को सप्ताह में चार दिन, कुल 48 घंटे काम करने का विकल्प मिलेगा। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कार्यस्थलों पर सीसीटीवी सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य की जाएंगी।

दिनभर छाया रहा राजनीतिक टकराव

मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली। एक ओर सरकार ने महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने UCC और छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन से लेकर मुख्यमंत्री चैंबर तक विरोध दर्ज कराया। इससे स्पष्ट है कि मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी राजनीतिक गर्मी बरकरार रहने की संभावना है। 

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