बस यात्रा 60% तक महँगी:
निजी बस ऑपरेटरों के आंदोलन से पहले सरकार का फैसला, मप्र में बस यात्रा हुई महंगी, 5 साल बाद किराया 60% तक बढ़ा, नई दरें तत्काल लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना;
जल्द शुरू होगी 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'
Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 06 अगस्त 2026:

बस मालिकों की हड़ताल की धमकी के बाद बस किराया बढ़ा
मध्यप्रदेश में आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। राज्य सरकार ने पांच साल बाद निजी यात्री बसों के किराए में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। नई अधिसूचना के अनुसार साधारण बसों का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। यानी किराए में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं न्यूनतम किराया भी 7 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। नई दरें अधिसूचना जारी होते ही प्रभावी हो गई हैं।
'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' शीघ्र ही शुरू होने की संभावना
इन बसों का किराया भी बढ़ा
सरकार ने साधारण बसों के साथ अन्य श्रेणियों के किराए भी तय कर दिए हैं। अब बिना एसी डीलक्स बस का किराया सामान्य बस से 25 प्रतिशत, स्लीपर बस का 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स बस का 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी एसी कोच का किराया 75 प्रतिशत अधिक होगा। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक चलने वाली रात्रिकालीन बसों में सामान्य किराए से 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। हालांकि एक्सप्रेस बस सेवाओं और डीलक्स, स्लीपर व लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा।
भोपाल-इंदौर का नया किराया
नई दरों के अनुसार भोपाल से इंदौर यात्रा के लिए अब साधारण बस का किराया 360 रुपये, नॉन-एसी डीलक्स 425 रुपये, एसी डीलक्स 540 रुपये, स्लीपर बस 504 रुपये और रात्रिकालीन बस का किराया 396 रुपये होगा।
डीलक्स से सुपर लग्जरी तक इतना बढ़ेगा किराया:
- साधारण बस: 2 रुपये प्रति किलोमीटर, न्यूनतम किराया 10 रुपये
- रात्रि बस सेवा: सामान्य किराये से 10 प्रतिशत अधिक
- डीलक्स बस (नॉन-एसी): सामान्य किराये से 25 प्रतिशत अधिक
- स्लीपर बस: सामान्य किराये से 40 प्रतिशत अधिक
- डीलक्स बस (एसी): सामान्य किराये से 50 प्रतिशत अधिक
- सुपर लग्जरी कोच (एसी): सामान्य किराये से 75 प्रतिशत अधिक
आंदोलन से पहले सरकार का फैसला
बस ऑपरेटरों के विभिन्न संगठनों ने किराया बढ़ाने समेत सात मांगों को लेकर 7 अगस्त की रात 12 बजे से आंदोलन की चेतावनी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने किराया बढ़ाने की अधिसूचना जारी कर दी। बस ऑपरेटरों का कहना है कि वर्ष 2021 में जब आखिरी बार किराया बढ़ा था, तब डीजल की कीमत करीब 79 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुकी है। उनका कहना है कि अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत जारी है और समाधान नहीं होने पर आंदोलन पर फैसला लिया जाएगा।
जल्द शुरू होगी 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'
किराया वृद्धि ऐसे समय की गई है, जब राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत निजी बसों को अनुबंधित कर चिन्हित मार्गों पर सरकार की निगरानी में संचालित किया जाएगा। सबसे पहले इसकी शुरुआत इंदौर से होगी, जहां 40 मार्ग अधिसूचित किए जा चुके हैं। इस सेवा में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और किराए में गड़बड़ी पर रोक रहेगी। बसों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और राज्य परिवहन प्राधिकरण के माध्यम से की जाएगी।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
किराया बढ़ने से रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। हालांकि सरकार और बस ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ती डीजल कीमतों और परिचालन लागत को देखते हुए यह फैसला आवश्यक था। वहीं नई परिवहन व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बस सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।