एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी के खिलाफ टैक्सी चालकों का आंदोलन:
एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी के खिलाफ टैक्सी चालकों का आंदोलन प्रदेश स्तर पर पहुंचेगा, 15 अगस्त को रैली और 18 से 20 अगस्त के बीच सीएम हाउस घेराव की तैयारी;
Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल, 08 अगस्त 2026:
भोपाल के टैक्सी चालकों का एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और कथित मनमानी के खिलाफ आंदोलन अब प्रदेश स्तर पर पहुंचने जा रहा है। शनिवार को चिनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ संबद्ध) और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के पदाधिकारियों और चालकों की बैठक हुई। इसमें 15 अगस्त को भोपाल में रैली निकालने और 18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने का फैसला लिया गया। आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री आवास के घेराव की भी तैयारी है। अंतिम तारीख जल्द तय की जाएगी।
एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी के खिलाफ टैक्सी चालकों का आंदोलन
बोट क्लब से लालघाटी तक निकलेगी रैली
टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के भोपाल प्रभारी जावेद खान ने बताया कि 15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक रैली निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में टैक्सी चालक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि रैली शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य सरकार तक टैक्सी चालकों की मांग पहुंचाना और अपनी एकजुटता दिखाना है।
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| 15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक निकलेगी रैली |
संगठन का कहना है कि मध्यप्रदेश में टैक्सी किराया निर्धारित करने के लिए स्पष्ट सरकारी नीति नहीं है। इसका फायदा एग्रीगेटर कंपनियां उठा रही हैं और कंपनियों द्वारा मनमाने तरीके से किराया तय किया जा रहा है। संघ ने सरकार से स्थायी किराया गाइडलाइन लागू करने की मांग की है। प्रस्तावित व्यवस्था में 50 से 60 रुपये बेस फेयर, 1 से 1.50 रुपये प्रति मिनट टाइम चार्ज और वाहन की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित करने की मांग है।
18 से 20 अगस्त तक प्रदेशभर के ड्राइवर जुटेंगे
भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने बताया कि प्रदेश के दूसरे शहरों से ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े ड्राइवरों को भी भोपाल बुलाया जाएगा। संगठन की योजना मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की है।
टैक्सी चालक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि यदि 18 अगस्त से पहले किराए और अन्य मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि कम आय के कारण ड्राइवरों के लिए वाहन की किस्त, ईंधन, बीमा और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
पहले एयरपोर्ट राइड का किया था बहिष्कार
टैक्सी चालकों ने इससे पहले 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड का बहिष्कार किया था। संघ का दावा है कि इसके बाद कंपनियों ने किराए में आंशिक सुधार किया, लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद फिर पुराने रेट लागू कर दिए गए। इसके बाद संगठन ने परिवहन मंत्री से मुलाकात कर किराया निर्धारित करने समेत अन्य मांगें रखी थीं।
निजी वाहनों और अवैध बाइक टैक्सी पर रोक की मांग
टैक्सी यूनियन ने निजी नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध बाइक टैक्सी के संचालन पर रोक लगाने की भी मांग की है। संगठन का आरोप है कि ऐसे वाहनों के कारण वैध रूप से टैक्सी चला रहे ड्राइवरों की आय प्रभावित हो रही है। साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी और चालकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
सिर्फ किराया न बढ़े बल्कि पूरी व्यवस्था बदलने की मांग
राजेश कुमार नागले का कहना है कि केवल 20 या 30 प्रतिशत किराया बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। संगठन के अनुसार वर्ष 2014 में एग्रीगेटर कंपनियां बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर किराया देती थीं, जबकि अब अधिकांश मामलों में दूरी के आधार पर भुगतान किया जाता है। संघ का कहना है कि वाहन की लागत, रखरखाव, बीमा और ईंधन खर्च को देखते हुए बेस फेयर और टाइम चार्ज वाली व्यवस्था फिर लागू होनी चाहिए।
इन रूटों पर बढ़ सकता है किराया
संगठन के प्रस्तावित मॉडल के अनुसार अरेरा हिल्स से राजा भोज एयरपोर्ट का मौजूदा किराया 246 से 282 रुपये है, जो प्रस्तावित दरों पर 416 से 552 रुपये तक हो सकता है। न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन का किराया 95-108 रुपये से बढ़कर 205-270 रुपये, लालघाटी से एमपी नगर का 152-167 से बढ़कर 302-401 रुपये और रातीबड़ थाना से भोपाल रेलवे स्टेशन का किराया 274-314 से बढ़कर 474-638 रुपये तक हो सकता है।
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| टैक्सी चालकों ने कटोरा लेकर अनोखा प्रदर्शन किया |
टैक्सी चालक इससे पहले शुक्रवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अनोखे तरीके से प्रदर्शन कर चुके हैं। भोपाल टैक्सी चालक संघ के बैनर तले ड्राइवर फटे कपड़े पहनकर और हाथ में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए। संघ का कहना है कि यह प्रदर्शन कम आय और मौजूदा किराया व्यवस्था के कारण ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया था।

