दिल्ली में सुनी जाने वाली विद्यार्थीओं की आवाज रांची पहुंचते-पहुंचते धीमी क्यों हो जाती है?
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच रांची पहुंचे पीयूष मिश्रा, बॉलीवुड के ‘सेलेक्टिव समर्थन’ पर उठाया सवाल, पीयूष मिश्रा ने पूछा - जंतर-मंतर पर तो पहुंचे अधिकतर बॉलीवुड सितारे रांची पर क्यों खामोश? क्या झारखंड देश का हिस्सा नहीं?
छात्रों के बीच गाया ‘आरंभ है प्रचंड’
Tropic Reporters, Digital desk, रांची/भोपाल, 09 अगस्त 2026:
अपने माथे पर गाली-गलौच और अभद्रता का धब्बा ढो रहे कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जन्तर-मन्तर पर किए गए तथाकथित छात्र आंदोलन में बॉलीवुड की भूमिका एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों से जुड़े मुद्दों में फिल्म जगत की कई हस्तियों की सक्रिय मौजूदगी के बाद सम्मानजनक तरीके से झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन को बड़े फिल्मी सितारों का कोई समर्थन दिखाई नहीं दिया। ऐसे समय में अभिनेता, लेखक और गायक पीयूष मिश्रा रांची पहुंच गए और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बैठकर उनका हौसला बढ़ाया।
पीयूष मिश्रा ने छात्रों की पीड़ा से प्रभावित होकर रांची आने का फैसला किया। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें इस बात की शर्मिंदगी है कि मुंबई से अब तक कोई उनके बीच नहीं आया, लेकिन वह खुद छात्रों के साथ बैठने के लिए आ रहे हैं। रांची पहुंचने के बाद उन्होंने छात्रों के बीच अपना चर्चित गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ गाया। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों के इंटरव्यू में उनकी तकलीफ और आंसू देखकर पीयूष मिश्रा भावुक हुए और आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी क्षमता के अनुसार मेडिकल, आर्थिक मदद, खाना और अन्य जरूरतों में सहयोग करेंगे।
जंतर-मंतर बनाम रांची... सवाल समर्थन के अंतर का
यही वह बिंदु है जहां देश भर में बॉलीवुड के कथित ‘सेलेक्टिव एक्टिविज्म’ पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह नहीं है कि किसी कलाकार को हर आंदोलन में शामिल होना ही चाहिए, बल्कि सवाल यह है कि अगर छात्रों के अधिकार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा दिल्ली में आवाज उठाने लायक है, तो वही मुद्दा झारखंड में क्यों नजरअंदाज हो?
पीयूष मिश्रा की रांची यात्रा और उनके समर्थन को प्रमुखता मिली है, जबकि जंतर-मंतर जैसे आंदोलनों में दिखाई देने वाली बड़े सितारों की सामूहिक मौजूदगी रांची आंदोलन में अभी तक नजर नहीं आई है।
मुद्दा सिर्फ JPSC का नहीं, युवाओं के भविष्य का
रांची में छात्र JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 14वीं JPSC परीक्षा के परिणाम और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर भी छात्र आवाज उठा रहे हैं। जुलाई के अंत में छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला था और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की थी।
आंदोलन अब लंबा खिंच चुका है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिशें भी हुई हैं, लेकिन अब तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। 8 अगस्त को हुई बातचीत भी बिना निर्णायक समाधान के खत्म हुई और छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
पीयूष मिश्रा से तेज किया बॉलीवुड वाले सवाल का सुर
पीयूष मिश्रा का रांची पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने केवल सोशल मीडिया पर समर्थन नहीं जताया, बल्कि आंदोलन स्थल पर जाकर छात्रों के बीच समय बिताया। उनका संदेश सीधा था कि छात्रों को जिस मदद की जरूरत होगी, अपनी क्षमता के अनुसार वह और उनके साथी सहयोग करेंगे।
यहीं से बॉलीवुड को लेकर बहस भी एक बार फिर तेज हुई है। जंतर-मंतर जैसे हाई-प्रोफाइल आंदोलनों में कैमरे और राष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी के बीच सेलिब्रिटी चेहरों की तस्वीरें खूब सामने आती हैं। इसके मुकाबले रांची जैसे राज्य स्तरीय आंदोलन में वही ग्लैमर और स्टार पावर कम दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कलाकारों का समर्थन मुद्दे की गंभीरता से तय होता है या आंदोलन की लोकेशन, मीडिया कवरेज और राजनीतिक माहौल से?
राहुल गांधी का 12 दिन बाद आया छात्रों पर बयान
इसी बीच छात्र आंदोलनों को लेकर राहुल गांधी ने भी कहा कि सरकार किसी भी पार्टी की हो, छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। हालांकि उनका यह बयान व्यापक छात्र आंदोलनों और पेपर लीक के मुद्दे के संदर्भ में था, इसे सीधे JPSC-JSSC आंदोलन के समर्थन के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा, क्योंकि झारखंड में उनकी पार्टी कॉंग्रेस सत्ता में भागीदार है।
रांची में आंदोलन जारी है और छात्र अब सरकार के साथ बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं। ऐसे में पीयूष मिश्रा की मौजूदगी ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। छात्रों की आवाज अगर दिल्ली में सुनाई देती है, तो वही आवाज रांची पहुंचते-पहुंचते इतनी धीमी क्यों हो जाती है?