भोपाल में पहली बार अनूठा एक्वा साउंड हीलिंग सत्र:

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पानी, ध्वनि और सूफियाना सुरों के संगम ने रचा अनूठा वेलनेस अनुभव, शहर में पहली बार आयोजित अनूठे एक्वा साउंड हीलिंग सत्र का आयोजन;

20 अगस्त 2026, Tropic Reporters, संदीप सिंह, भोपाल:

ध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार आयोजित अनूठे एक्वा साउंड हीलिंग सत्र में पानी, ध्यान, ध्वनि और संगीत का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने प्रतिभागियों को गहरे विश्राम और सुकून का अनुभव कराया। जिवाना वेलनेस रिट्रीट में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की परिकल्पना और संचालन विजार्ड ऑफ साउंड की संस्थापक, मास्टर साउंड हीलर एवं मेडिटेशन कोच डॉ. आरती सिन्हा ने किया। आयोजन में कलमकारी इवेंट्स ने सहयोग प्रदान किया।

लाइव सूफी बैंड प्रस्तुति से सूफियाना रंग में रंगा पूरा वातावरण
अनूठा एक्वा साउंड हीलिंग सत्र
कार्यक्रम में साउंड हीलिंग और मेडिटेशन के साथ लाइव सूफी संगीत ने भी माहौल को खास बना दिया। काशवी मोटवानी, राजवीर परख और अमन की लाइव सूफी बैंड प्रस्तुति ने अपनी मधुर और भावपूर्ण धुनों से पूरे वातावरण को सूफियाना रंग में रंग दिया। पानी में तैरते हुए प्रतिभागियों ने जहां ध्वनि और कंपन का अनुभव किया, वहीं सूफी संगीत ने इस अनुभव में भावनात्मक गहराई और संगीत की मिठास जोड़ दी।

कार्यक्रम में अपेक्षा डबराल की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कोरकैटलिस्ट ग्रोथ पार्टनर्स में डायरेक्टर के रूप में कार्यरत अपेक्षा डबराल पेजेंट क्वीन एवं कोच भी हैं। वे यूनिवर्सल वुमन इंडिया 2024 और मिसेज इंडिया 2023 से जुड़ी उपलब्धियों के साथ पर्सोना कोच के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने एक्वा साउंड हीलिंग के इस अनूठे अनुभव में सहभागिता की और कार्यक्रम की सराहना की।

पानी, ध्वनि और ध्यान का अनूठा संगम

सत्र के दौरान प्रतिभागियों को पानी में सहजता से तैरते हुए विभिन्न साउंड इंस्ट्रूमेंट्स की ध्वनियों और कंपन का अनुभव कराया गया। ओशन ड्रम की समुद्री लहरों जैसी ध्वनि, रेनस्टिक की बारिश जैसी मधुर आवाज, क्रिस्टल सिंगिंग बाउल के शांत स्वर और अर्थ गोंग की गहरी गूंज ने वातावरण को बेहद शांत और सुकूनभरा बना दिया।

डॉ. आरती सिन्हा पिछले 15 वर्षों से साउंड हीलिंग और मेडिटेशन के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार, एक्वा साउंड हीलिंग पानी, ध्वनि, नियंत्रित श्वसन और निर्देशित ध्यान का संयुक्त अनुभव है। पानी शरीर को सहारा और हल्केपन का अनुभव कराता है, जबकि ध्वनि और कंपन प्रतिभागियों को अपने शरीर तथा सांस के प्रति अधिक जागरूक होने में मदद करते हैं।

ध्यान, चक्र संतुलन और श्वसन अभ्यास की अनुभूति

कार्यक्रम में निर्देशित ध्यान, चक्र संतुलन, ब्रीथ ऑफ फायर विद गोंग, व्यक्तिगत चक्र विश्लेषण और आभामंडल शुद्धिकरण जैसी गतिविधियां भी शामिल रहीं। प्रतिभागियों को सांस, शरीर और पानी के स्पर्श पर ध्यान केंद्रित कराया गया। इसके बाद शांत श्वसन और मौन के माध्यम से उन्हें विश्राम की अनुभूति कराई गई।

कार्यक्रम की खासियत यह रही कि इसे केवल साउंड बाथ तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि जल में तैरना, जीवंत ध्वनि, सूफी संगीत, ध्यान, श्वसन अभ्यास और चक्र संतुलन को एक ही अनुभव में शामिल किया गया। इससे प्रतिभागियों को वेलनेस का एक बहुआयामी और अनुभवात्मक स्वरूप देखने को मिला।

डॉ. आरती सिन्हा ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य किसी बीमारी के उपचार का दावा करना नहीं, बल्कि लोगों को व्यस्त दिनचर्या के बीच कुछ समय स्वयं के लिए निकालने, गहरे विश्राम, मानसिक शांति, शरीर के प्रति जागरूकता और भावनात्मक संतुलन का अनुभव प्रदान करना था। भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम वेलनेस के क्षेत्र में एक अभिनव पहल के रूप में सामने आया, जिसमें पानी की शांति, ध्वनि की शक्ति और सूफियाना संगीत की आत्मीयता ने प्रतिभागियों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।

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