रक्षाबंधन: इस बार नक्षत्रों की नहीं ट्रेन टिकट की भद्रा
रक्षाबंधन पर भद्रा काल नहीं पर परंतु ट्रेन टिकट की पर भद्रा की छाया, दिल्ली-मुंबई-लखनऊ रूट पर टिकट संकट, 25 से 31 अगस्त तक सीटों की मारामारी;
त्यौहार से पहले ही ट्रेनों में बढ़ी वेटिंग, आखिरी समय तक टिकट का इंतजार पड़ सकता है भारी
Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल, 11 अगस्त 2026:
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| ट्रेन टिकट आरक्षण के लिए लगी भीड़ |
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| त्यौहार पर ट्रेन में सीट की जद्दोजहद में यात्री |
25 से 31 अगस्त के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अब कन्फर्म टिकट के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है। फिलहाल दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन को लेकर रेलवे की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में यात्रियों के पास दूसरी ट्रेन, कनेक्टिंग ट्रेन, बस या निजी वाहन जैसे विकल्प तलाशने के अलावा सीमित विकल्प रह गए हैं।
दिल्ली रूट पर सबसे ज्यादा दबाव
रक्षाबंधन के चलते भोपाल से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ दिखाई दे रही है। भोपाल एक्सप्रेस में 25 अगस्त से थर्ड एसी में 60 से अधिक वेटिंग चल रही है, जबकि स्लीपर क्लास में करीब 80 आरएसी है। अन्य श्रेणियों में भी GNWL यानी जनरल वेटिंग लिस्ट 10 से अधिक है।
इसी तरह राजधानी एक्सप्रेस और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में कई तारीखों पर RLWL की स्थिति बनी हुई है। एपी एक्सप्रेस और गोंडवाना एक्सप्रेस में भी अलग-अलग श्रेणियों में वेटिंग चल रही है। रक्षाबंधन के नजदीक आने के साथ इन ट्रेनों में वेटिंग और बढ़ने की संभावना है।
भोपाल-मुंबई रूट पर भी कन्फर्म सीटों का संकट
मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए भी राहत की स्थिति नहीं है। सीएसएमटी राजधानी एक्सप्रेस में कन्फर्म बर्थ सीमित रह गई हैं। वहीं एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एलटीटी एक्सप्रेस में भी अलग-अलग श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता कम है।
मंगलदीप एक्सप्रेस में वेटिंग बढ़ी हुई है, जबकि उद्योगनगरी एक्सप्रेस में 25 अगस्त से RLWL की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में मुंबई जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा की तारीख के हिसाब से उपलब्धता देखकर जल्द टिकट बुक करने की जरूरत है।
लखनऊ जाने वाली ट्रेनों में भारी वेटिंग और REGRET
लखनऊ और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी रक्षाबंधन के चलते यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। एलटीटी-सीतापुर सुपरफास्ट, भोपाल-एमबीडीपी सुपरफास्ट, गोरखपुर एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस और कुशीनगर एक्सप्रेस में 25 से 31 अगस्त के बीच कई श्रेणियों में RLWL और REGRET की स्थिति है।
REGRET का मतलब है कि संबंधित ट्रेन और श्रेणी में फिलहाल बुकिंग के लिए सीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है।
रक्षाबंधन पर बढ़ रहा यात्रियों का दबाव
रक्षाबंधन के चलते बड़ी संख्या में लोग भोपाल और आसपास के शहरों से अपने गृह नगर जाने की तैयारी कर रहे हैं। त्योहार के साथ स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियां और परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो जाती है। इसका असर सबसे पहले लंबी दूरी की ट्रेनों की आरक्षण स्थिति पर दिखाई देता है।
भोपाल-रीवा के बीच चार स्पेशल ट्रेनें
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 25 से 31 अगस्त के बीच भोपाल-रीवा के बीच चार स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। हालांकि दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे प्रमुख रूटों पर फिलहाल अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों के संचालन के निर्देश नहीं मिले हैं।
यात्रियों की मांग है कि त्योहार के दौरान दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और अन्य व्यस्त रूटों पर भी अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाए, ताकि वेटिंग यात्रियों को राहत मिल सके।
कन्फर्म टिकट नहीं मिला तो ये विकल्प अपनाएं
अगर निर्धारित ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है तो यात्री आखिरी समय तक उसी ट्रेन का इंतजार न करें। दूसरी ट्रेन में सीट की उपलब्धता जांचने के साथ नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का विकल्प भी देखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर कनेक्टिंग ट्रेन, बस या निजी वाहन से यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।
त्योहार के दौरान आखिरी समय में बस और अन्य परिवहन साधनों में भी भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वे अभी से अपनी यात्रा का वैकल्पिक प्लान तैयार कर लें।
यात्रियों के लिए जरूरी बातें:
- 25 से 31 अगस्त के बीच टिकट की उपलब्धता पहले ही जांच लें।
- RLWL टिकट में कन्फर्मेशन की संभावना सामान्य GNWL से अलग हो सकती है।
- REGRET दिखाई देने पर उसी ट्रेन में तत्काल कन्फर्म सीट मिलने की उम्मीद न रखें।
- दूसरी ट्रेन और नजदीकी स्टेशनों से कनेक्टिंग विकल्प देखें।
- रेलवे की ओर से जारी होने वाली स्पेशल ट्रेनों की जानकारी पर नजर रखें।
- बस या निजी वाहन का विकल्प है तो त्योहार से पहले उसकी योजना बना लें।




