मंत्री-परिषद की बैठक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

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भोपाल बायपास को छह लेन करने की तैयारी, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन, कैबिनेट ने दी 1757 करोड़ की मंजूरी, 2031 तक टोल वसूली की अनुमति;

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 44,515 करोड़ और सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन मंजूर

Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल, 11 अगस्त 2026:

मध्यप्रदेश मंत्री-परिषद की बैठक में मुख्य मंत्री द्वारा कई महत्तवपूर्ण निर्णय लिए गए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे बड़ा फैसला भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन करने का रहा। 44.830 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। मार्ग को पेव्हड शोल्डर के साथ विकसित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने के साथ औद्योगिक निवेश और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

भोपाल-विदिशा मार्ग अयोध्या बायपास के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। यह भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से होकर गुजरता है। मार्ग पर सांची स्तूप और कर्क रेखा जैसे महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। परियोजना में 40 प्रतिशत राशि हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत निर्माण अवधि में और शेष 60 प्रतिशत राशि 15 वर्षों तक छमाही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से दी जाएगी। भू-अर्जन सहित निर्माण पूर्व कार्यों के लिए 364 करोड़ 41 लाख रुपये अलग से स्वीकृत किए गए हैं।

बायपास को छह लेन करने की तैयारी

कैबिनेट ने भोपाल बायपास के 51.963 किलोमीटर लंबे चारलेन मार्ग को छह लेन बनाने के दृष्टिगत 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह की अनुमति दी है। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि पांच वर्ष और बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है। बायपास भोपाल को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों से जोड़ता है तथा शहर के यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीहोर में बनेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट

किसान कल्याण वर्ष में कैबिनेट ने सीहोर जिले की इछावर तहसील के भाऊखेड़ी गांव में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित भूमि का उपयोग कृषि विज्ञान केंद्र के लिए किया जाएगा। इससे प्रदेश में सोयाबीन की खेती, अनुसंधान और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 44,515 करोड़

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन के लिए 44,515.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ और आयुष्मान भारत के लिए 12,123 करोड़ 81 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख और जिला स्तरीय अमले के लिए 654 करोड़ 84 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

कैबिनेट ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने की योजना को 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। अब श्रमिकों के साथ संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश मिलेगा। वहीं महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार और रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाकर दो-दो लाख रुपये करने की मंजूरी दी गई है।

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