झाबुआ: रक्षाबंधन से पहले आदिवासी बहनों के बीच मुख्यमंत्री
झाबुआ में जनजातीय परिवार के घर पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, गोदड़ी पर बैठकर किया भोजन, बहनों से बंधवाई राखी;
Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल/झाबुआ, 01 अगस्त 2026:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में एक जनजातीय परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने बसंत सिंह बामनिया के परिवार के साथ आत्मीय समय बिताया, पारंपरिक तरीके से भोजन किया और परिवार के सदस्यों से उनकी जीवनशैली, आजीविका और शासन की योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली। मुख्यमंत्री थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
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| झाबुआ के थांदला में आदिवासी परिवार के घर पर भोजन करते मुख्यमंत्री |
मुख्यमंत्री ने सामान्य व्यक्ति की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। परिवार की महिलाओं ने उन्हें पारंपरिक जनजातीय व्यंजन परोसे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया और भोजन की सराहना करते हुए परिवार के स्नेह और सम्मान के लिए आभार जताया। इस दौरान प्रभारी मंत्री विजय शाह, सांसद अनिता नागर सिंह चौहान और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सावन और रक्षाबंधन के अवसर पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को शुभकामनाएं दीं और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने परिवार की लाड़ली बहनों, लाड़ली लक्ष्मी बेटियों और बच्चों से भी मुलाकात कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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| थांदला में आदिवासी बहनों से राखी बंधवाते सीएम डॉ. मोहन यादव |
मुख्यमंत्री ने परिवार से बातचीत के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, शिक्षा और आजीविका पर चर्चा की। बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिल चुका है, लेकिन परिवार आज भी अपने पुराने मिट्टी-गारे के घर में रहना पसंद करता है, क्योंकि यह घर उनकी पीढ़ियों की यादों और परंपराओं से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराएं मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं और राज्य सरकार उनके विकास एवं सम्मान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

