FCRA और परिसीमन विधेयक: संसद में गतिरोध

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संसद में गतिरोध बरकरार, FCRA संशोधन विधेयक और परिसीमन पर सियासी घमासान तेज, जिद पर अड़े राहुल गांधी, विशेष सत्र बुला सकती है सरकार;

Tropic Reporters, Digital desk, नई दिल्ली/भोपाल, 06 अगस्त 2026:

विपक्ष की गतिरोध की नीति से संसद का मॉनसून सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ा

संसद के मानसून सत्र में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA Amendment Bill, 2026) और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र अब तक हंगामे की भेंट चढ़ा है। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 19 बैठकें प्रस्तावित हैं, लेकिन विपक्ष के विरोध और सरकार के साथ जारी गतिरोध के कारण अधिकांश समय नारेबाजी और स्थगन में बीता है।

बुधवार को भी सरकार और कांग्रेस के बीच परिसीमन और सदन की कार्यवाही को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से करीब 50 मिनट तक मुलाकात की। बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, गौरव गोगोई और केसी वेणुगोपाल भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में परिसीमन विधेयक और FCRA संशोधन विधेयक समेत गतिरोध खत्म करने के विकल्पों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद रिजिजू ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।

वहीं, भाजपा ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कुछ विपक्षी सांसद 400 से अधिक सांसदों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं और चर्चा से बच रहे हैं। कमलजीत सहरावत ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के मुद्दों पर बहस करने के बजाय हर दिन हंगामा कर समय बर्बाद कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार अपनी मांगें बदल रहा है। भाजपा सांसद सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करने और बहस से भागने का आरोप लगाया।

दूसरी ओर कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि परिसीमन को लेकर पार्टी का रुख पहले जैसा ही है और सरकार केवल भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब FCRA विधेयक सदन में आएगा, तब कांग्रेस अपना स्पष्ट रुख रखेगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि मानसून सत्र में सहमति नहीं बनती है तो 13 अगस्त के बाद सरकार विशेष संसद सत्र बुला सकती है। इसमें परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन पर चर्चा कराई जा सकती है। हालांकि, संविधान संशोधन पारित कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होगा, जिसे जुटाने के लिए सरकार सहयोगी दलों और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत तेज हो सकती है, क्योंकि परिसीमन और FCRA जैसे विधेयकों पर बनने वाला राजनीतिक माहौल देश की आगामी चुनावी राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।

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