अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस एवं सहारा साक्षरता संस्था का 21वां स्थापना दिवस
साक्षरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही महिलाएं, शिक्षा ने जगाया आत्मविश्वास : डॉ. कामिनी मेहरा, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस एवं सहारा साक्षरता संस्था के 21वें स्थापना दिवस पर आत्मनिर्भर महिलाओं का सम्मान;
09 सितम्बर 2026, Tropic Reporters, संदीप सिंह, भोपाल:
साक्षरता से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सशक्त समाज का निर्माण होता है। इसी संदेश के साथ अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस एवं सहारा साक्षरता संस्था के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में संस्था के प्रयासों को सराहा गया। कार्यक्रम में डॉ. कामिनी मेहरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
सहारा साक्षरता संस्था के 21वें स्थापना दिवस पर पर आयोजित समारोह
समारोह का सबसे प्रेरणादायी पहलू उन महिलाओं का सम्मान रहा, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास के बल पर स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया। इन महिलाओं की सफलता की कहानियां समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं और यह संदेश दिया कि यदि अवसर, शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले तो महिलाएं अपनी परिस्थितियों को बदलने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को भी मजबूत कर सकती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. कामिनी मेहरा ने कहा कि साक्षरता को केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। साक्षरता व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करती है, महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है। शिक्षित और स्वावलंबी महिला परिवार की मजबूत नींव बनने के साथ ही समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी भी है।
उन्होंने कहा कि पिछड़ी बस्तियों के बच्चों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें यदि शिक्षा, संस्कार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।
डॉ. कामिनी मेहरा ने सहारा साक्षरता संस्था द्वारा पिछले 21 वर्षों से शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर कार्यों की सराहना करते हुए संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। महिलाओं और बच्चों को शिक्षा से जोड़कर ही उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा और हुनर जरूरी: सुनील महेश्वरी
इस अवसर पर सिलाई कढ़ाई बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुनील महेश्वरी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जब महिला के हाथ में शिक्षा और हुनर दोनों होते हैं तो वह अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार को आर्थिक मजबूती देने के साथ समाज में सम्मानजनक स्थान भी हासिल करती है।
उन्होंने कहा कि सहारा साक्षरता संस्था द्वारा वंचित वर्ग की महिलाओं और बच्चों को शिक्षा एवं आगे बढ़ने का अवसर देना सराहनीय पहल है। ऐसे प्रयासों को समाज के हर वर्ग का सहयोग मिलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में पिछड़ी बस्तियों के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों के आत्मविश्वास और प्रतिभा ने समारोह में उत्साह और उमंग भर दी। उनकी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, उसे केवल अवसर और उचित मार्गदर्शन की जरूरत होती है।
समारोह में लोक प्याली चाय के संस्थापक एवं जाने-माने व्यापारी कृष्णा चौहान, समाजसेविका श्रीमती उषा शनाय, सहारा साक्षरता समाजसेवी संस्थान के संस्थापक शिवराज कुशवाहा सहित समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं, बच्चे एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।