भारतीय रेल- "Best Among the Failed" को प्रमोशन: आरक्षण की महान व्यवस्था

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भारतीय रेल: पदोन्नति में एससी/एसटी को 10% की छूट, सीट खाली रही तो ‘फेल’ को भी मौका, एससी-एसटी कर्मचारियों की पदोन्नति में छूट के नियम स्पष्ट, रेलवे बोर्ड ने जारी की नई गाइडलाइन;

रेलवे बोर्ड का आदेश: गैर-सुरक्षा पदों पर लागू होंगे नए नियम, 20% अंक वालों को 6 महीने का एडहाक प्रमोशन (एक अस्थायी पदोन्नति)

09 सितंबर 2026, Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल/जबलपुर:

रेलवे में एससी/एसटी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर लंबे समय से चल रहा असमंजस अब खत्म हो गया है। रेलवे बोर्ड ने गैर-सुरक्षा श्रेणी के पदों पर प्रमोशन के नियम स्पष्ट कर दिए हैं। नए आदेश के मुताबिक, प्रमोशन के लिए तय क्वालीफाइंग अंकों में एससी/एसटी कर्मचारियों को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी सामान्य कर्मचारियों के लिए जितने अंक जरूरी होंगे, एससी/एसटी कर्मचारी उससे 10 प्रतिशत कम अंक पर भी प्रमोशन के लिए पात्र हो सकेंगे। 

यह छूट ग्रुप-सी के अंदर और ग्रुप-सी से ग्रुप-बी में 70 प्रतिशत सिलेक्शन कोटे से होने वाले प्रमोशन में मिलेगी। रेलवे बोर्ड का यह आदेश जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट में लागू होगा।

छूट के बाद भी पद खाली तो ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’

अगर 10 प्रतिशत की छूट देने के बाद भी एससी/एसटी के आरक्षित पद खाली रह जाते हैं तो रेलवे ‘बेस्ट अमंग द फेल्ड’ व्यवस्था लागू करेगा। इसके तहत परीक्षा, इंटरव्यू और सर्विस रिकार्ड में कम से कम 20 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले कर्मचारियों को छह महीने के लिए तदर्थ यानी अस्थायी प्रमोशन दिया जा सकेगा। छह महीने बाद उनके काम की समीक्षा होगी। प्रदर्शन संतोषजनक रहा तो प्रमोशन नियमित किया जा सकेगा। हालांकि यह सुविधा एलडीसीई कोटे में लागू नहीं होगी।

सेफ्टी पदों पर कोई रियायत नहीं

ट्रेन संचालन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सेफ्टी कैटेगरी के पदों पर क्वालीफाइंग अंकों में कोई छूट नहीं मिलेगी। यहां सभी कर्मचारियों के लिए एक जैसे मानक लागू रहेंगे।

SC/St मेरिट से पास तो यूआर (अनारक्षित) सीट

जो एससी/एसटी कर्मचारी बिना किसी छूट के सामान्य मेरिट में आएंगे, उन्हें अनारक्षित यानी यूआर सीट पर माना जाएगा। इससे आरक्षित सीट दूसरे पात्र एससी/एसटी कर्मचारियों के लिए बची रहेंगी। साथ ही, रेलवे ने साफ किया है कि पहले ही बंद हो चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

मधुर वर्मा, सीपीआरओ, भारतीय रेल विभाग, जबलपुर
"रेलवे में एससी/एसटी कर्मचारियों को पदोन्नति में यह छूट पहले से लागू है। रेलवे बोर्ड ने 31 अगस्त 2026 को इसे फिर से इसलिए स्पष्ट किया, क्योंकि अलग-अलग रेलवे और उत्पादन इकाइयों में नियमों को लेकर भ्रम और संदेह बना हुआ था। पुराने दिशा-निर्देशों को दोहराकर सभी जगह एक समान तरीके से लागू करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।"   -मधुर वर्मा, सीपीआरओ, भारतीय रेल विभाग, जबलपुर

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