शिक्षक दिवस: "कक्षाओं में बनती है देश की किस्मत"
By Tropic Reporters — Saturday, September 5, 2026
🎧 सुनें:
"कक्षाओं में बनती है देश की किस्मत, सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से कम नहीं होने देंगे;" शिक्षक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा;
एमपी में पहली बार ऑफलाइन होगी TET परीक्षा
05 सितंबर 2026, Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल:
![]() |
| "कक्षाओं में बनती है देश की किस्मत"; सीएम डॉ. यादव |
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का नक्शा भले ही कागज पर बनता है, लेकिन देश की किस्मत कक्षाओं में बनती है। शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से कम नहीं होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों को शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में निजी स्कूलों से पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणामों का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों से होते हैं। यह सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
शिक्षक बच्चों की प्रतिभा पहचानें: सीएम
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। एक शिक्षक की सबसे बड़ी सफलता तब होती है, जब उसका विद्यार्थी उससे भी आगे निकलकर सफलता हासिल करे। उन्होंने कहा, “जहां गुरुर खत्म होता है और जहां से गुण शुरू होता है, वहीं गुरु खड़ा होता है।”
![]() |
| वर्तमान समय की शिक्षा में नयापन एवं रोचकता आवश्यक |
शिक्षा में इनोवेशन जरूरी: राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बदलती वैश्विक जरूरतों और रोजगार के नए अवसरों को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था में लगातार अपडेट और इनोवेशन जरूरी है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा को भी बराबर महत्व मिलना चाहिए।
बच्चों के संस्कार में परिवार की भी भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की जिम्मेदारी केवल शिक्षक की नहीं है। इसकी शुरुआत घर से होती है। माता-पिता बच्चों से नियमित संवाद करें और स्कूल से लौटने के बाद उनसे पूछें कि उन्होंने क्या पढ़ा और नया क्या सीखा। घर का माहौल ऐसा होना चाहिए, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित हो।
असफलता पर बच्चों को डांटने के बजाय संभालें
राज्यपाल ने परीक्षा में कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में असफलता को जीवन की असफलता नहीं बनने देना चाहिए। बच्चों को डांटने के बजाय प्रेम और समझदारी से आगे बढ़ाना जरूरी है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को अपना बच्चा मानकर पढ़ाने की जरूरत है।
विकसित भारत 2047 के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने में शिक्षा की अहम भूमिका होगी। आज की युवा पीढ़ी ही 2047 में देश का नेतृत्व करेगी। इसलिए विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, कौशल, सहनशीलता और जिम्मेदारी का भाव देना जरूरी है। इसके लिए सरकार, शिक्षक और अभिभावकों को मिलकर काम करना होगा।
समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, खेल मंत्री विश्वास सारंग, विधायक भगवानदास सबनानी और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
📝 सारांश:
सारांश लोड हो रहा है...

