महंगा सोना: एस्ट्रो-फैशन का चलन चला

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सोना महंगा हुआ तो बदली ज्वेलरी की पसंद, राशि-ब्रेसलेट और बर्थस्टोन पेंडेंट की बढ़ी मांग; 2026 में ब्रेसलेट-पेंडेंट की हिस्सेदारी 48% पहुंची; सोशल मीडिया से डिजाइन चुन रहे युवा

19 सितंबर 2026, Tropic Reporters, Digital desk, भोपाल:

रत्न जड़ित गहनों का बढ़ता चलन
सोने की बढ़ती कीमतों के बीच ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब ग्राहक भारी सोने की ज्वेलरी के बजाय कम वजन में स्टाइलिश और व्यक्तिगत पसंद से जुड़ी ज्वेलरी खरीद रहे हैं। राशि-ब्रेसलेट, बर्थस्टोन पेंडेंट, क्रिस्टल ज्वेलरी और रत्न वाली अंगूठियों की मांग बढ़ी है। बाजार रिपोर्ट के अनुसार 2026 में राशि, ज्योतिष और बर्थस्टोन ज्वेलरी की बिक्री 2025 की तुलना में 18 से 22 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, सोशल मीडिया से प्रेरित ग्राहकों की फुटफॉल में 35 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि बताई गई है।

2025 में इस श्रेणी की ज्वेलरी खरीदने वालों में करीब 70 प्रतिशत ग्राहक रत्न वाली अंगूठी पसंद करते थे, जबकि ब्रेसलेट और पेंडेंट की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत थी। 2026 में यह अंतर काफी कम हुआ है। अब अंगूठी की हिस्सेदारी करीब 52 प्रतिशत रह गई है, जबकि ब्रेसलेट और पेंडेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 48 प्रतिशत पहुंच गई है। राशि वाले ब्रेसलेट, मॉडर्न कड़े, चार्म ब्रेसलेट और लेयर्ड पेंडेंट युवाओं के बीच तेजी से पसंद किए जा रहे हैं।

फैशन और ज्योतिष का मेल

ग्राहकों की खरीदारी में ज्योतिष के साथ फैशन का भी असर दिखाई दे रहा है। बाजार रिपोर्ट के अनुसार करीब 40 प्रतिशत ग्राहक पूरी तरह ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर रत्न या राशि ज्वेलरी खरीदते हैं। करीब 35 प्रतिशत ग्राहक इसे फैशन और अपनी पर्सनैलिटी से जोड़कर देखते हैं, जबकि 25 प्रतिशत ग्राहक दोनों कारणों से खरीदारी करते हैं। युवा ग्राहक ऐसी ज्वेलरी चाहते हैं जिसे रोजाना पहना जा सके और जो उनकी राशि, जन्मतिथि या पसंद के पत्थर से जुड़ी हो।

सोशल मीडिया से शोरूम तक पहुंच रहे डिजाइन

ज्वेलरी के डिजाइन तय करने में सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ी है। ग्राहक इंस्टाग्राम रील्स, पिंटरेस्ट और दूसरे प्लेटफार्म पर देखे डिजाइन के स्क्रीनशॉट लेकर शोरूम पहुंच रहे हैं। खासकर पतले बेजल या प्रॉन्ग सेटिंग वाले रत्न, छोटे पेंडेंट और मिनिमलिस्ट ब्रेसलेट की मांग बढ़ी है। कई ग्राहक ‘मनी मैग्नेट स्टोन’ और ‘पॉजिटिविटी’ जैसे सोशल मीडिया ट्रेंड से प्रभावित होकर ज्वेलरी खरीद रहे हैं।

पन्ना, पुखराज से लेकर टाइगर आई तक पसंद

रत्नों में भी ग्राहकों की पसंद अलग-अलग है। पारंपरिक ज्योतिष मानने वाले ग्राहक पन्ना, पुखराज, नीलम और माणिक की अंगूठियां अधिक पसंद करते हैं। वहीं युवा ग्राहक टाइगर आई, ब्लैक ओनिक्स, लैपिस लाजुली, रोज क्वार्ट्ज और क्रिस्टल जैसे पत्थरों वाले ब्रेसलेट और पेंडेंट खरीद रहे हैं। इन रत्नों से जुड़े ज्योतिषीय या सकारात्मक ऊर्जा संबंधी प्रभाव मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रभाव नहीं।

महिलाओं के लिए पेंडेंट, पुरुषों में ब्रेसलेट

महिलाओं में मिनिमल पेंडेंट, स्टोन स्टडेड रिंग और चार्म ब्रेसलेट की मांग अधिक है। राशि या जन्ममाह से जुड़े पेंडेंट को लेयरिंग के साथ पहनने का ट्रेंड भी बढ़ा है। पुरुषों में टाइगर आई, ब्लैक ओनिक्स, लावा स्टोन और रुद्राक्ष-क्रिस्टल कॉम्बिनेशन वाले ब्रेसलेट पसंद किए जा रहे हैं।

25 से 30 प्रतिशत बढ़ा स्टॉक

बढ़ती मांग को देखते हुए ज्वेलरी कारोबारियों ने तैयार स्टडेड जेमस्टोन ज्वेलरी का स्टॉक करीब 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाया है। कारोबारियों के लिए कम वजन वाली ज्वेलरी में सोने की लागत कम रहती है, जबकि ग्राहक को भी कम बजट में डिजाइन और रत्न का विकल्प मिल जाता है। इसी वजह से भारी डिजाइन की जगह हल्की और कस्टमाइज्ड ज्वेलरी का बाजार बढ़ रहा है।

कीमत में 500 रुपये से लाखों तक के विकल्प

राशि और रत्न ज्वेलरी में बजट के हिसाब से कई विकल्प उपलब्ध हैं। सिल्वर, स्टील और सेमी-प्रेशियस स्टोन वाली ज्वेलरी करीब 500 से 3,500 रुपये में मिल जाती है। 14 कैरेट सोने या सिल्वर की ज्वेलरी में औसत खरीद 8,000 से 18,000 रुपये के आसपास बताई गई है। वहीं 18 और 22 कैरेट सोने में रत्न वाली ज्वेलरी की कीमत 45 हजार से 1.20 लाख रुपये या इससे अधिक तक पहुंच सकती है। बाजार में औसत टिकट साइज करीब 28 हजार से 65 हजार रुपये के बीच बताया गया है।

18 से 35 वर्ष के ग्राहक सबसे ज्यादा

इस बाजार में 18 से 35 वर्ष की उम्र के ग्राहक सबसे बड़ा हिस्सा हैं। अनुमान के अनुसार करीब 55 से 60 प्रतिशत खरीदार इसी आयु वर्ग के हैं। युवा ग्राहक ज्वेलरी को केवल ज्योतिषीय उपयोग तक सीमित नहीं रख रहे हैं, बल्कि इसे फैशन, पर्सनैलिटी और रोजाना पहनने के विकल्प के रूप में भी देख रहे हैं।

रत्न वाली ज्वेलरी में ज्यादा मार्जिन

साधारण सोने की ज्वेलरी की तुलना में स्टोन और कस्टमाइज्ड राशि ज्वेलरी में कारोबारियों को ज्यादा मार्जिन मिलता है। बाजार रिपोर्ट में साधारण सोने की ज्वेलरी में करीब 8 से 18 प्रतिशत और स्टोन व कस्टमाइज्ड ज्वेलरी में 30 से 60 प्रतिशत तक सकल मार्जिन बताया गया है। हालांकि वास्तविक मार्जिन रत्न की गुणवत्ता, डिजाइन, मेकिंग और खरीद लागत के अनुसार अलग हो सकता है।

गहनों में ज्योतिष का मेल
बढ़ रहा है ‘एस्ट्रो-फैशन’ बाजार

सोने की ऊंची कीमत, कम वजन की ज्वेलरी, कस्टमाइजेशन और सोशल मीडिया ट्रेंड इस बाजार के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। राशि, जन्ममाह और पसंदीदा रत्न को फैशन डिजाइन के साथ जोड़कर तैयार की जाने वाली ज्वेलरी अब पारंपरिक ज्योतिषीय आभूषणों से आगे निकलकर लाइफस्टाइल प्रोडक्ट का रूप ले रही है।

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