फर्जी ट्रेनी IAS के कारनामे; खुलासे बाकी हैं:
फर्जी ट्रेनी IAS तृप्ति सिंह और भाई सुधांशु 5 दिन की पुलिस रिमांड पर, 50 लाख की ठगी के मामले में होगी पूछताछ;
03 सितंबर 2026, Tropic Reporters, अंज ठाकुर, भोपाल:
स्वयं को ट्रेनी IAS और मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर लोगों से ठगी करने के आरोपों में घिरी तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को बागसेवनिया पुलिस गुरुवार को चंदेरी से प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लेकर पहुंची। मेडिकल परीक्षण के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने होटल-रिसॉर्ट लीज दिलाने के नाम पर हुई कथित ठगी के मामले में दोनों की पांच दिन की रिमांड मांगी है। रिमांड मिलने पर पुलिस ठगी की रकम, फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
आरोपी फर्जी आईएएस अधिकारी तृप्ति एवं भाई सुधांशु
भोपाल में 50 लाख की ठगी का नया मामला
बागसेवनिया पुलिस ने सिवनी निवासी गगन उपवंशी की शिकायत पर तृप्ति, उसके भाई सुधांशु और साथी प्रखर सिंह के खिलाफ करीब 50 लाख रुपए की कथित ठगी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एमपी टूरिज्म के होटल को लीज पर दिलाने का झांसा देकर यह रकम ली गई। यह तृप्ति के खिलाफ भोपाल में दर्ज दूसरा और कुल चौथा मामला बताया जा रहा है।
इससे पहले बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे की शिकायत पर भी बागसेवनिया थाने में केस दर्ज हुआ था। इसमें होटल-रिसॉर्ट लीज और नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 39.17 लाख रुपए लेने का आरोप है। इसमें 35.30 लाख रुपए लीज और 3.87 लाख रुपए नौकरी के नाम पर लेने की बात सामने आई है।
चंदेरी में भी 9.80 लाख की ठगी का आरोप
तृप्ति और सुधांशु फिलहाल अशोकनगर जिले के चंदेरी में दर्ज मामले में गिरफ्तार हुए थे। वहां दोनों पर फर्जी IAS की पहचान बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है। आरोप है कि तृप्ति खुद को एमपी टूरिज्म की एडिशनल डायरेक्टर, जबकि सुधांशु खुद को केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग से जुड़ा अधिकारी बताता था।
फर्जी सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मिले
चंदेरी पुलिस की जांच में तृप्ति के भोपाल स्थित ठिकानों से फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड, ट्रेनी IAS से जुड़े मोमेंटो और ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा समेत कई सामान और दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी। अब बागसेवनिया पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि फर्जी सरकारी पहचान तैयार करने और उसका इस्तेमाल करने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
रिमांड में बैंक खातों और नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस की जांच का अगला फोकस कथित ठगी की रकम के लेन-देन पर रहेगा। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अलग-अलग मामलों से मिली रकम किन बैंक खातों में जमा हुई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। साथ ही होटल-रिसॉर्ट लीज और नौकरी के नाम पर संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि तृप्ति ने फर्जी IAS और पर्यटन विभाग की अधिकारी बनकर अब तक कितने लोगों से संपर्क किया। यदि पूछताछ में नए पीड़ित या सहयोगियों के नाम सामने आते हैं तो पुलिस उनके बयान दर्ज कर सकती है और मामले में आगे कार्रवाई की जा सकती है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने, सरकारी अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल करने और रकम के लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।